लंदन, 28 मार्च (भाषा) पंजाब के जलियांवाला बाग नरसंहार की 106वीं बरसी से दो सप्ताह पहले कंजरवेटिव पार्टी के एक सांसद ने ब्रिटिश सरकार से आग्रह किया है कि वह उस समय हुई गलती को स्वीकार करते हुए भारत के लोगों से औपचारिक रूप से माफी मांगे।
हैरो ईस्ट से सांसद बॉब ब्लैकमैन ने 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में हुए उस घातक नरसंहार को बृहस्पतिवार को ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में याद किया, जब लोग बैसाखी का त्योहार मनाने के लिए एकत्र हुए थे। उन्होंने इसके लिए माफी की मांग की।
ब्लैकमैन ने कहा, “तेरह अप्रैल, 1919 को कई परिवार जलियांवाला बाग में एकत्र हुए थे। ब्रिटिश सेना की ओर से जनरल डायर ने अपने सैनिकों को भेजा और उन निर्दोष लोगों पर तब तक गोलियां चलाने का आदेश दिया जब तक कि सैनिकों के पास गोलियां खत्म न हो जाएं।”
उन्होंने कहा, “उस नरसंहार में 1,500 लोग मारे गए और 1,200 घायल हो गए। इसके बाद जनरल डायर ब्रिटिश साम्राज्य पर लगे उस दाग के लिए बदनाम हुए। वर्ष 2019 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने स्वीकार किया था कि यह भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन पर एक दाग था।”
ब्रिटिश सांसद ने कहा, “लेकिन क्या हम सरकार की ओर से बयान जारी कर सकते हैं, क्योंकि इस साल 13 अप्रैल को इसकी सालगिरह होगी, जब हम अवकाश पर होंगे। इसलिए, क्या सरकार एक बयान जारी कर सकती है, जिसमें गलती स्वीकार करके भारत के लोगों से औपचारिक रूप से माफी मांगी जाए।”
भाषा जोहेब सुरेश
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