(ललित के. झा)
वाशिंगटन, 30 जनवरी (भाषा) अमेरिकी सांसदों को एक विशेषज्ञ ने बताया है कि 2023 में भारत के 7,000 से अधिक छात्र और आगंतुक अमेरिका में निर्धारित समय से अधिक अवधि तक ठहरे।
उन्होंने देश की आव्रजन नीतियों में कई सुधारों का सुझाव दिया, जिनमें एच-1बी वीजा से संबंधित सुधार भी शामिल हैं।
‘सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज’ की जेसिका एम. वॉन ने अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की न्यायपालिका संबंधी समिति को बताया कि निर्धारित समय से अधिक ठहरने वालों में सबसे अधिक संख्या एफ और एम श्रेणी के वीजा धारकों की रही।
एफ-1 के तहत वीजा में किसी व्यक्ति को किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज, विश्वविद्यालय, सेमिनरी, कंजर्वेटरी, अकादमिक हाई स्कूल, प्राथमिक विद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्णकालिक छात्र के रूप में अमेरिका में रहने की अनुमति मिलती है। एम-1 वीजा भाषा प्रशिक्षण के अलावा व्यावसायिक या अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को मिलता है।
वॉन ने बुधवार को कहा, ‘चार देशों ब्राजील, चीन, कोलंबिया और भारत के दो-दो हजार से अधिक नागरिक 2023 में छात्र/एक्सचेंज वीजा की अवधि से अधिक समय तक ठहरे। इन देशों में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक (7,000) है।”
उन्होंने कहा कि वीजा जारी करने की नीतियों में समायोजन की आवश्यकता है और आंतरिक प्रवर्तन को मजबूत किया जाना चाहिए। इसके अलावा, संसद को कई महत्वपूर्ण तरीकों से कानून में संशोधन करना चाहिए।
भाषा जोहेब मनीषा
मनीषा
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(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)