केलो परियोजना 2 साल लेट, किसानों को करना होगा 2019 तक इंतजार | Kelo project 2 years late, Farmers will have to wait till 2019

केलो परियोजना 2 साल लेट, किसानों को करना होगा 2019 तक इंतजार

केलो परियोजना 2 साल लेट, किसानों को करना होगा 2019 तक इंतजार

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Modified Date: November 29, 2022 / 08:22 PM IST
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Published Date: December 14, 2017 12:02 pm IST

रायगढ़ जिले में सिंचाई के लिए शुरु की गई जिले की बहुप्रतीक्षित केलो परियोजना दो साल और लेट हो गई है। परियोजना में नहरों के अधूरे काम को देखते हुए इसकी मियाद दो साल बढ़ाकर मार्च 2019 कर दी गई है। ऐसे में किसानांे को सिंचाई के लिए दो साल और इंतजार करना होगा। खास बात ये है कि केलो परियोजना पिछले दस सालों से निर्माणाधीन है। निर्माण के दौरान जहां परियोजना की लागत 519 करोड थी वो अब बढकर 990 करोड तक जा पहुंची है। शुरुआती दौर मे डेम का निर्माण तो समय पर कर लिया गया लेकिन नहरों के निर्माण की गति शुरु से ही धीमी है।

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अगर प्रोजेक्ट पर नजर डालें तो डेम की मुख्य नहर को 28.32 किलो मीटर है जिसमें से 26.32 किमी नहर ही बन पाई है। जबकि अगर शाखा नहरों की बात करें तो 7 वितरक नहरों में से 73किमी का निर्माण होना है जबकि इसमें से महज 30 फीसदी निर्माण ही हो पाया है। कमोवेश 202 किमी की 95 माइनर नहरों का निर्माण किया जाना है जिसमें से अभी 60 फीसदी निर्माण ही हो पाया है। खास बात ये है कि नहरों के निर्माण के दौरान निजी जमीन आने की वजह से भूअर्जन की प्रक्रिया भी अटकी हुई है जिसकी वजह से भी प्रोजेक्ट अधूरा है।

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ऐसे में इस पूरे निर्माण पर दो साल का और समय लगना है। इधर लेटलतीफी की वजह से किसानों को डेम के पानी के लिए दो सालों का और इंतजार करना होगा। मामले में कांग्रेस का आरोप है कि अधूरे डेम को चार साल पहले श्रेय लेने के लिए लोकार्पण कर दिया गया लेकिन अब तक योजना पूरी नहीं हो पाई है जिसकी वजह से डेम की लागत लगातार बढ रही है। डेम से उद्योगों को तो पानी मिल रहा है लेकिन किसानों के खेत प्यासे हैं। जिसके लिए अधिकारी जिम्मेदार हैं।

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इधर मामले में परियोजना के अधिकारियों का कहना है कि भूअर्जन में लंबित मामले होने की वजह से नहरों का निर्माण अटका हुआ है इस वजह से प्रोजेक्ट की अवधि बढाई गई है। अब प्रोजेक्ट को मार्च 2019 तक पूरा करने की डेडलाइन दी गई है। नहरों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है लिहाजा जल्द से जल्द प्रोजेक्ट पूरा करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

 

वेब डेस्क, IBC24