कोलंबो, 20 दिसंबर (भाषा) श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने आम सभा की बैठक में अपने संविधान में संशोधन करते हुए वोटिंग क्लबों की संख्या 147 से घटाकर 60 कर दी है।
एसएलसी ने यह कदम देश की सबसे बड़ी धनवान खेल संस्था पर नियंत्रण करने के लिए बड़े व्यवसायियों द्वारा वोट खरीदने और हेरफ़ेर के आरोपों से निपटने के लिए उठाया।
अतीत में वोट खरीदने और हेरफेर के मामले सामने आते रहे हैं। इसमें 1998 की आम सभा की बैठक में दो गुटों के बीच हाथापाई का मामला भी शामिल है।
एसएलसी ने यहां जारी विज्ञप्ति में कहा, ‘‘नई वोटिंग संरचना यह सुनिश्चित करती है कि वोटिंग का अधिकार पूरी तरह से प्रत्येक सदस्य क्लब द्वारा खेले गए क्रिकेट के स्तर के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जिसमें सभी योग्य क्लब और एसोसिएशन केवल एक वोट के हकदार हैं।’’
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