कोरबा: कोरोना संकट के बीच कोरबा जिले के निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल डॉक्टर से मारपीट के मामले में उचित कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर नाराज डॉक्टरों ने कल से अनिश्चितकाल के लिए ओपीडी बंद रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला आईएमए कोरबा ब्रांच ने लिया है। बता दें कि बीते दिनों डिलीवरी के दौरान शिशु के मौत से नाराज परिजनों ने डॉ रोहित बंछोर और उनकी पत्नी मारपीट की थी।
गौरतलब है कि शहर के रामपुर चौकी अंतर्गत कोसाबाड़ी स्थित नवजीवन नर्सिंग होम में 16 अगस्त को तिलकेजा (उरगा) की डॉ. प्रीतिबाला कौशिक को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। जहां शाम को डिलवरी के दौरान गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। इसके अगले दिन 17 अगस्त की शाम प्रीतिबाला के पति शशिकांत कौशिक व भाई विजेंद्र जायसवाल समेत अन्य परिजन नर्सिंग होम पहुंचे थे। जहां शिशु की मृत्यु होने की मौत होने की बात को लेकर विवाद हुआ।
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नर्सिंग होम में हंगामे की सूचना पर रामपुर चौकी से पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। जिसके बाद दोनों पक्ष को शांत करवाया गया था। बाद में दोनों पक्ष ने रामपुर चौकी में लिखित शिकायत की थी। डॉ. रोहित बंछोर ने उक्त दोनों लोगों द्वारा नर्सिंग होम में पहुंचकर उनके और उनकी पत्नी अल्का बंछोर, स्टाफ नर्स रुकमणी यादव व लैब टेक्नीशियन राहुल दत्ता से धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट और गाली-गलौच समेत जान से मारने की धमकी देने का उल्लेख किया था।