नागपुर, 25 मार्च (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने मंगलवार को कहा कि पिछले सप्ताह नागपुर शहर में हुई हिंसा को पुलिस की सतर्कता से टाला जा सकता था।
नागपुर के महल इलाके में 17 मार्च को हुई हिंसा के बाद विपक्षी पार्टी द्वारा गठित तथ्यान्वेषी समिति में शामिल राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और नागपुर पुलिस आयुक्त से मुलाकात की।
दलवई ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पूछा कि पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों को पुतला जलाने की अनुमति क्यों दी।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर पुलिस ऐसे विरोध प्रदर्शनों के दौरान चीजों को जलाने की अनुमति नहीं देती है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विहिप-बजरंग दल के विरोध प्रदर्शन के कुछ घंटों बाद नागपुर के कुछ हिस्सों में भीड़ ने उत्पात मचाया था।
पुलिस ने बाद में बताया था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान आयत लिखी चादर को जलाने की निराधार अफवाहों के कारण हिंसा भड़की।
दलवई ने कहा, “मुझे लगता है कि अगर पुलिस थोड़ी और सतर्क होती, तो यह सब नहीं होता।”
उन्होंने कहा कि नागपुर शहर में हिंदू-मुस्लिम के बीच कोई मतभेद नहीं है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पुलिस को हिंसा की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और विहिप के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।
भाषा जितेंद्र रंजन
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