इंदौर, 24 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश में टमाटर की खेती करने वाले किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि बाजारों में भारी मात्रा में नयी फसल के आने से टमाटर का थोक मूल्य दो रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गया है।
किसान संगठनों ने मांग की है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए तत्काल उचित कदम उठाए।
इंदौर देवी अहिल्याबाई होलकर फल एवं सब्जी मंडी प्रदेश की सबसे बड़ी थोक मंडियों में से एक है।
खंडवा जिले से मंडी में आए एक किसान धीरज रायकवार ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए कहा, ‘‘टमाटर का थोक मूल्य दो रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गया है। इस कीमत पर, हम फसल की लागत भी नहीं निकाल पाएंगे।’’
खंडवा जिले से उक्त मंडी लगभग 130 किलोमीटर दूर है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ किसानों को टमाटर की बची हुई खेप बाजार में फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
रायकवार ने कहा, ‘‘पिछले साल टमाटर की अच्छी कीमत मिलने के कारण किसानों ने बड़े पैमाने पर इसकी खेती करने का फैसला किया था। इस बार बंपर उत्पादन के कारण बाजार में टमाटर की भारी आवक है, जिससे कीमतों में गिरावट हुई है।’’
पड़ोसी धार जिले के किसान दिनेश मुवेल ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ जमीन में टमाटर की खेती के लिए दो लाख रुपये का कर्ज लिया था और अब कीमतों में गिरावट के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक रामस्वरूप मंत्री ने मांग की कि राज्य सरकार किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए उचित मूल्य पर उनसे टमाटर खरीदे।
भाषा प्रीति रंजन
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