Honeymoon History / Image Source: IBC24
Honeymoon History:- शादी के बाद हनीमून का नाम सुनते ही मन में रोमांस और घूमने-फिरने की तस्वीरें उभरती हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि ये “हनीमून” शब्द आया कहां से? और इसका मतलब सिर्फ छुट्टियां मनाना नहीं, बल्कि कुछ और भी रसभरा है!
मध्यकालीन यूरोप में नवविवाहित जोड़ों को शादी के बाद एक महीने तक शहद से बनी शराब—जिसे “Mead” कहते हैं—पीने को कहा जाता था। क्यों? क्योंकि लोग मानते थे कि ये उनकी यौन शक्ति को बूस्ट करेगी! तो चलिए, इस शब्द के पीछे की कहानी को खोलते हैं और जानते हैं कि हनीमून का असली राज़ क्या था।
“हनीमून” पुराने अंग्रेजी शब्दों “हनी” (hony) यानी शहद और “मून” (moone) यानी चांद या महीने से बना है। “हनी” प्यार और मिठास का प्रतीक था, तो “मून” उस एक महीने की अवधि को दिखाता था। इसकी पहली झलक 16वीं सदी में रिचर्ड ह्यूलोट के लेखन में मिलती है।
मध्यकालीन यूरोप में शादी के बाद जोड़ों को “Mead” नाम की शहद वाली शराब दी जाती थी। मान्यता थी कि ये ड्रिंक उनकी सेक्स लाइफ को हॉट कर देगी और जल्दी फैमिली बढ़ाने में मदद करेगी।
वैज्ञानिक नजरिए से शहद या Mead के प्रजनन क्षमता बढ़ाने का कोई सबूत नहीं है। हां, शहद में कुछ पोषक तत्व ज़रूर हैं, जो सेहत के लिए अच्छे हो सकते हैं, लेकिन ये कोई जादुई सेक्स टॉनिक नहीं था। फिर भी, उस दौर में लोग इसे सच मानते थे और खूब चाव से पीते थे।
सोचिए, मध्यकालीन यूरोप में शादी के बाद जोड़े एक महीने तक शहद की शराब पीते थे, उस ज़माने में शहद को प्यार और उर्वरता का सुपरफूड माना जाता था। आज भले ही हम हनीमून पर शहद की बोतलें लेकर न चलें, लेकिन इस कहानी में एक अलग ही रोमांच है।