कोलकाता, नौ जनवरी (भाषा) प्रतिष्ठित विश्व भारती विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के एक समूह ने सोमवार को दावा किया कि अनुशासन के आधार पर सात विद्यार्थियों के निलंबन आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर उसने विश्वविद्यालय को जबरन बंद करवा दिया।
इस समूह ने यह भी मांग की कि वरिष्ठ अध्यापक तथा अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सुदीप्त भट्टाचार्य को बर्खास्त करने का फैसला वापस लिया जाए।
हालांकि विश्व भारती के प्रवक्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि केवल कुछ विद्यार्थी ही ऐसे प्रदर्शन में शामिल हुए और विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में कक्षाएं ‘सुचारू रूप से’ चलीं।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों की ओर से विश्वभारती एसएफआई नेता सोमनाथ शॉ ने कहा कि सोमवार को प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय को बंद कर दिया गया और जबतक सहपाठियों के ‘निलंबन के अलोकतांत्रिक कृत्य’ को और प्रोफेसर भट्टाचार्य की बर्खास्तगी को वापस नहीं लिया जाता है तबतक प्रदर्शन जारी रहेगा।
शॉ निलंबित सात विद्यार्थियों में एक है।
भाषा राजकुमार माधव
माधव
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