मारपीट में गिरफ्तार भाजपा कार्यकर्ता को विशेष सुविधाएं मिलने का वीडियो वायरल, दो पुलिसकर्मी निलंबित |

मारपीट में गिरफ्तार भाजपा कार्यकर्ता को विशेष सुविधाएं मिलने का वीडियो वायरल, दो पुलिसकर्मी निलंबित

मारपीट में गिरफ्तार भाजपा कार्यकर्ता को विशेष सुविधाएं मिलने का वीडियो वायरल, दो पुलिसकर्मी निलंबित

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Modified Date: March 25, 2025 / 07:58 PM IST
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Published Date: March 25, 2025 7:58 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 25 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले में मारपीट के मामले में गिरफ्तार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक स्थानीय कार्यकर्ता को जेल में विशेष सुविधाएं दिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद दो पुलिसकर्मियों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया।

एक अधिकारी ने बताया कि सतीश भोसले उर्फ ​​खोक्या को विशेष सुविधाएं दिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर साझा किए जाने के बाद बीड के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नवनीत कंवत ने चकलांबा पुलिस थाने के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

अधिकारी के मुताबिक, “एसपी ने चकलांबा थाने में तैनात दो पुलिस नायक कैलाश खटाने और विनोद सुरवासे को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा, चकलांबा थाना प्रभारी संदीप पाटिल को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।”

भाजपा के स्थानीय विधायक सुरेश धस के करीबी सहयोगी भोसले के खिलाफ एक व्यक्ति पर क्रिकेट बैट से हमला करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद उसे इस महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया था।

भोसले कई अन्य आपराधिक मामलों में भी आरोपी है, जिनमें वन विभाग की ओर से दर्ज एक मामला भी शामिल है।

सोशल मीडिया पर सोमवार को सामने आए एक वीडियो में भोसले बीड जिला कारागार के बाहर जमीन पर बैठकर खाना खाते हुए दिखाई दे रहा है। वह जैसे ही खाना खत्म कर उठता है, सादे कपड़े पहना एक व्यक्ति उसके हाथों पर पानी डालता हुआ नजर आता है।

वीडियो में आठ से 10 लोगों के एक समूह को भोसले के चारों ओर खड़ा देखा जा सकता है और वह पुलिस के किसी हस्तक्षेप के बिना उनसे बातचीत करता दिख रहा है।

एक स्थानीय अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ऐसा लगता है कि यह वीडियो भोसले को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले रिकॉर्ड किया गया था।

पत्रकारों द्वारा मामले के बारे में पूछे जाने पर बीड के एसपी ने कहा था, “यह बेहद गंभीर मामला है और संबंधित व्यक्ति को निलंबित किया जाएगा। प्रभारी अधिकारी को भी ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जाएगा।”

मार्च की शुरुआत में भोसले की गिरफ्तारी के बाद राज्य वन विभाग ने उसके आवास को ध्वस्त कर दिया था, जिसे उसने बीड के शिरुर कासर इलाके में कथित तौर पर वन भूमि के एक टुकड़े पर अतिक्रमण कर बनाया था।

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)