संविधान सम्मत संघीय गणराज्य के ढांचे की अवहेलना करता है केंद्रीय बजट : सपा सांसद |

संविधान सम्मत संघीय गणराज्य के ढांचे की अवहेलना करता है केंद्रीय बजट : सपा सांसद

संविधान सम्मत संघीय गणराज्य के ढांचे की अवहेलना करता है केंद्रीय बजट : सपा सांसद

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Modified Date: July 25, 2024 / 08:15 PM IST
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Published Date: July 25, 2024 8:15 pm IST

नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का वित्त वर्ष 2024-25 का बजट बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के बनाए संविधान का अपमान है और इसमें संघीय गणराज्य के ढांचे की अवहेलना की गई है।

भदौरिया ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ‘‘बजट में संविधान सम्मत संघीय गणराज्य के ढांचे को पूरी तरह दरकिनार करते हुए सरकार को बचाने का समर्थन मूल्य चुकाया गया है।’’

उन्होंने बजट में आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए किए गए सहायता प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि इस बजट को अंग्रेजी की वर्णमाला के केवल दो शुरुआती अक्षरों ‘ए’ (आंध्र प्रदेश) और ‘बी’ (बिहार) तक सीमित रखा गया है और अन्य अक्षरों यानी देश के अन्य प्रदेशों की अनदेखी की गई है।

भदौरिया ने आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के लिए भी विशेष पैकेज की मांग की।

उन्होंने कहा कि सांसदों की सिफारिश पर पात्र व्यक्तियों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किये जाने चाहिए।

भाकपा (माले) के राजाराम सिंह ने बजट को किसानों, गरीबों और युवाओं का विरोधी बताया और कहा कि इसमें लोकसभा चुनाव में मिले जनादेश का उल्लंघन किया गया है।

उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग लंबे समय से थी, लेकिन इस सरकार ने इसे पूरा नहीं किया।

सिंह ने कहा कि बजट में बिहार में बाढ़ की समस्या का समाधान निकालने और गरीबी को मिटाने के लिए भी कोई प्रावधान नहीं है।

विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल द्रमुक के सी एन अन्नादुरई ने बजट को लोकतंत्र-विरोधी बताया।

कांग्रेस के शशिकांत सेंथिल ने कहा कि यह बजट केवल दो राज्यों के लिए ‘प्रेमपत्र’ की तरह है, लेकिन यह वास्तविक प्यार नहीं है। उन्होंने बजट में तमिलनाडु की पूरी तरह अनदेखी का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि बजट में मनरेगा का आवंटन कम कर दिया गया है।

राष्ट्रीय जनता दल के सुधाकर सिंह ने कहा कि वह बजट से निराश हैं, क्योंकि इसमें गरीबों और किसानों के लिए कुछ भी नहीं है।

उन्होंने भागलपुर के पीरपैती में विद्युत संयंत्र लगाने की योजना को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन-दो सरकार की योजना करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार को पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं की फिर से ‘ब्रांडिंग और पैकेजिंग’ करने की आदत है।

उन्होंने कहा कि बिहार को दिये जाने वाले आर्थिक पैकेज की घोषणा 2025 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखकर की गयी है।

आम आदमी पार्टी के मालविंदर सिंह कंग ने बजट को सहकारी संघवाद के खिलाफ करार देते हुए पंजाब का नाम बजट में नहीं लिये जाने को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने अग्निपथ भर्ती योजना को वापस लेने और वाघा सीमा को खोलने की मांग भी की।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मिंया अल्ताफ अहमद ने कहा कि अच्छा होता कि बजट बनाने से पहले जम्मू-कश्मीर के नेताओं और जनता से बातचीत की जाती।

भाषा वैभव सुरेश

सुरेश

 

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