नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष की नियुक्ति में उपराज्यपाल वीके सक्सेना की निष्क्रियता के आरोप संबंधी दिल्ली सरकार की याचिका की सुनवाई 19 मई तक के लिए मंगलवार को स्थगित कर दी।
उपराज्यपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी द्वारा जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने के बाद प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
रोहतगी ने संक्षिप्त सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय मांगा और कहा कि उपराज्यपाल कार्यालय दिल्ली-केंद्र प्रशासनिक मुद्दे पर शीर्ष अदालत के फैसले की जांच कर रहा है।
आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि शीर्ष अदालत के हालिया निर्णय से अब यह मामला समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि सार्वजनिक आदेश, पुलिस एवं भूमि को छोड़कर सभी सेवाओं पर दिल्ली सरकार का नियंत्रण है।
सिंघवी ने कहा,‘‘यह विलंब की रणनीति हैं।’’
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डीईआरसी के अगले अध्यक्ष के रूप में पहले न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजीव श्रीवास्तव की नियुक्ति को मंजूरी दी थी।
सिसोदिया ने पत्र में कहा था कि डीईआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) शबीहुल हसनैन का कार्यकाल समाप्त हो गया है और अभी तक उपराज्यपाल ने अनुशंसित पदाधिकारी की नियुक्ति को मंजूरी नहीं दी है।
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