नई दिल्ली : दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके से पुलिस ने छह संदिग्ध अवैध बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया जो पहचान छिपाने के लिए ‘ट्रांसजेंडर’ बन महिलाओं का वेश धारण किए हुए थे। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि उन्होंने अपना हुलिया बदलने और स्थानीय ‘ट्रांसजेंडर’ समुदाय में घुलने-मिलने के लिए ‘छोटी-मोटी सर्जरी’ और ‘हार्मोनल उपचार’ भी कराया था। पुलिस ने बताया कि वे बांग्लादेश में अपने परिवार से संपर्क करने के लिए एक प्रतिबंधित ऐप का इस्तेमाल करते पाए गए। सभी छह अवैध बांग्लादेशियों को निर्वासन कार्यवाही के लिए आर.के.पुरम स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) को सौंप दिया गया।
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में एक भी अवैध घुसपैठिए को रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सूद ने कहा, ‘‘पुलिस के सहयोग से बांग्लादेशी घुसपैठियों और उन्हें शरण देने वालों सहित सभी अवैध घुसपैठियों के खिलाफ एक सुनियोजित कार्रवाई की जाएगी। सरकार दिल्ली से अवैध घुसपैठियों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में जल्द ही सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे। ये गिरफ्तारियां बृहस्पतिवार को कुछ क्षेत्रों में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों पर 10 दिनों के निगरानी अभियान के दौरान की गईं।
पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘गुप्त सूचना के आधार पर विदेशी प्रकोष्ठ की एक पुलिस टीम गठित की गई। हमें पता चला कि कुछ अवैध बांग्लादेशी प्रवासी ‘ट्रांसजेंडर’ के वेश में संदेह से बचने के लिए लाल बत्ती पर भीख मांग रहे हैं।’’ उनकी पहचान मोहम्मद जकारिया मोइना खान (24), सुहाना खान (21), अखी सरकार (22), मोहम्मद बाओइजेद खान (24), मोहम्मद राणा उर्फ लोबली (26) और जॉनी हुसैन (20) के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि वे बांग्लादेश के बरगुना, गाजीपुर, मदारीपुर, सिराजगंज, पबना और नौगांव जिलों के मूल निवासी हैं। पूछताछ के दौरान, प्रवासियों ने खुलासा किया कि उन्होंने तस्करों की सहायता से अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं।