छत्रपति संभाजीनगर, 26 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले की एक अदालत को अभियोजन पक्ष ने बुधवार को सूचित किया कि जिले के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या पवनचक्की परियोजना से जुड़ी ऊर्जा कंपनी को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली की कोशिशों का विरोध करने की वजह से की गई।
अदालत द्वारा महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड सहित आठ लोगों के खिलाफ अप्रैल में आरोप तय किये जाने की संभावना है।
विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बुधवार को प्रासंगिक दस्तावेजों सहित मामले के तथ्य अदालत में प्रस्तुत किए।
निकम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि किस तरीके से देशमुख का पहले अपहरण किया गया, उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और फिर अंततः उनकी हत्या कर दी गई।’’
लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत को यह भी बताया गया कि अपराध के पीछे का मकसद देशमुख का हस्तक्षेप और कंपनी से आरोपियों द्वारा की गई जबरन वसूली के प्रयासों का विरोध करना था।
अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी।
निकम ने कहा कि अदालत अगले महीने मामले में आरोप तय करेगी जिसके बाद मुकदमा शुरू होगा।
सरपंच की हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश किया गया।
बीड जिले के मासाजोग गांव के सरपंच देशमुख को पिछले साल नौ दिसंबर को कथित तौर पर एक ऊर्जा कंपनी को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली को रोकने का प्रयास करने पर अगवा कर लिया गया था और उन्हें यातनाएं देकर मार डाला गया था।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड सहित आठ लोगों को अब तक इस मामले में गिरफ्तार किया गया है और उन पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की धाराएं लगाई गई हैं।
मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों की पहचान सुदर्शन घुले, विष्णु चाटे, जयराम चाटे, महेश केदार, सुधीर सांगले, प्रतीक घुले और सिद्धार्थ सोनावणे के रूप में हुई। इस मामले में कृष्णा अंधले नामक व्यक्ति वांछित आरोपी है।
सुनवाई से पहले निकम ने मृतक सरपंच के परिवार के सदस्यों और अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों से मुलाकात की।
निकम ने सुनवाई के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘मैंने आज अभियोजन पक्ष की ओर से दलील रखने की शुरुआत की। मैंने अदालत को घटनाओं के क्रम और (हत्या के पीछे) आपराधिक साजिश के बारे में बताया। सरपंच की हत्या के पीछे (जबरन वसूली का) मकसद अदालत को बताया गया।’’
निकम के मुताबिक, अदालत को बताया गया कि आरोपी सुदर्शन घुले मुख्य आरोपी वाल्मीक कराड के निर्देशानुसार काम कर रहा था।
उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पेश की, जिसमें अवाडा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मियों को धमकी दी गई थी।
निकम ने बताया, ‘‘ मामले से संबंधित दस्तावेज भी आरोपी के वकील को सौंपे गए।’’
इस बीच, मृतक सरपंच के भाई धनंजय देशमुख ने अदालती सुनवाई से पहले निकम से मुलाकात की।
धनंजय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह एक शुरुआती बैठक थी। हमने उनके (निकम के) साथ अलग से एक बैठक की मांग की थी। हम अपनी मांगों के बारे में न्यायिक समिति को भी पत्र लिखने जा रहे हैं और इसकी प्रति सीआईडी, बीड के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अन्य को दी जाएगी।’’
भाषा धीरज रंजन
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