नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की पूर्व अध्यक्ष सरोज शर्मा को पद से हटाया नहीं गया है, बल्कि उनके अनुरोध के अनुसार उन्हें उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया है। संस्थान ने शनिवार को यह जानकारी दी।
एनआईओएस ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रो. शर्मा को केंद्र द्वारा हटाया नहीं गया है। उन्होंने आईआईटीई, गांधीनगर में शामिल होने के लिए अपनी भूमिका से समय से पहले मुक्त किये जाने का अनुरोध किया था और यह केंद्र सरकार से मूल संगठन में वापसी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार था।’’
शर्मा उस समय विवादों के केंद्र में आ गई थीं, जब दिल्ली पुलिस ने सरोज शर्मा के खिलाफ उनके चालक की आत्महत्या के सिलसिले में मामला दर्ज किया था। चालक ने शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर शर्मा पर उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया था।
इस महीने की शुरुआत में गुजरात सरकार ने भारतीय अध्यापक शिक्षा संस्थान (आईआईटीई) की कुलपति के रूप में शर्मा की नियुक्ति रद्द कर दी थी। उन्हें पांच सितंबर को इस पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्होंने कार्यभार नहीं संभाला था।
शर्मा ने कहा, ‘‘मैंने एक महीने पहले आईआईटीई-गांधीनगर में कुलपति के रूप में शामिल होने के लिए अपनी भूमिका से समय से पहले मुक्त किये जाने का अनुरोध किया था और यह केंद्र सरकार की ओर से मूल विभाग में वापसी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार था। ऐसे मामलों में, डीओपीटी (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) के साथ-साथ मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) से अनुमोदन की आवश्यकता होती है।’’
शर्मा को गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली में उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है।
उन्होंने आत्महत्या विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘इस संबंध में जांच जारी है।’’
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश
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