जयपुर, 24 मार्च (भाषा) राजस्थान के विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार लोगों तक विधि प्रणालियों को अधिक सुगमता से पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार कानूनों में सुधार करने के साथ अप्रचलित और अनावश्यक कानूनों को निरस्त करने की दिशा में आगे बढ़ी है। इससे जनमानस को लाभ मिलेगा और न्याय सुगमता से मिलेगा।’’
पटेल सोमवार को विधानसभा में राजस्थान विधियां निरसन विधेयक, 2025 पर चर्चा के बाद जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि पहले से ही असम्बद्ध व अप्रचलित कानूनों को हटाने के काम किए जाते रहे हैं। इस बार भी विभिन्न विभागों से जानकारी जुटाकर सक्षम स्तर से अनुमोदन कराते हुए विधि विभाग ने विधेयक का प्रारूप तैयार किया था। इसके बाद ही विधेयक के जरिए 45 कानूनों को हटाया जा रहा है।
पटेल ने बताया कि राजस्थान विधानसभा में पहले भी अप्रचलित कानून निरस्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें वर्ष 1954 में 31, वर्ष 1962 में 221, वर्ष 1997 में 303, वर्ष 2015 में 248 और वर्ष 2023 में 123 कानून निरस्त किए गए थे।
उन्होंने कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन’ के अनुरूप देश में चहुमुंखी प्रगति सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्री ने बताया कि विधेयक में पंचायती राज के 37, स्वायत्त शासन के 5, प्रशासनिक सुधार विभाग, कृषि विभाग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के एक कानून निरस्त किए गए हैं। चर्चा के बाद सदन ने राजस्थान विधियां निरसन विधेयक, 2025 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
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