नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने केरल सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को उन रिपोर्ट पर नोटिस जारी किया है, जिनमें कहा गया है कि कासरगोड जिले में एक वार्डन द्वारा उत्पीड़न के आरोपों के चलते अपने छात्रावास के कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या के प्रयास के बाद तीन महीने कोमा में रही एक नर्सिंग छात्रा की मौत हो गई।
एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि यदि समाचार रिपोर्ट की विषय-वस्तु सही है तो यह पीड़िता के ‘मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा’ उठाती है।
एनएचआरसी ने 22 मार्च को मीडिया में आई एक रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि ‘केरल के कासरगोड जिले में वार्डन द्वारा उत्पीड़न के आरोपों के बीच छात्रावास के कमरे में आत्महत्या के प्रयास के बाद तीसरे वर्ष की एक नर्सिंग छात्रा की तीन महीने तक कोमा में रहने के बाद मौत हो गई।’
बयान में कहा गया है कि छात्रा को पहले मंगलुरु के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उसके बाद उसे कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां मौत तक उसकी हालत गंभीर बनी रही।
इसलिए, समिति ने केरल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
भाषा
शुभम सुरेश
सुरेश
(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)