तिरुवनंतपुरम, 20 सितंबर (भाषा) केरल की स्वास्थ्य प्रणाली को कोझिकोड में फैले निपाह वायरस संक्रमण से निपटने में मजबूती प्रदान करने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने ट्रूनेट जांच की अनुमति दे दी है।
इसके तहत कुछ अस्पतालों में सचल, स्मार्ट चिप आधारित और बैटरी से संचालित आरटी-पीसीआर किट से जांच की जा सकेगी।
केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बुधवार को बताया कि यह मंजूरी राज्य द्वारा आईसीएमआर के साथ चर्चा के दौरान मजबूती से इस संबंध में रखी गई मांग के बाद मिली।
उन्होंने बताया कि ट्रूनेट जांच की अनुमति द्वितीय स्तर की जैव सुरक्षा से लैस अस्पतालों को ही दी गई है। द्वितीय श्रेणी की जैव सुरक्षा में सख्त प्रोटोकॉल का अनुपालन किया जाता है ताकि नमूनों से संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
जॉर्ज ने यहां संवाददाताओं से बताया कि स्थानीय स्तर पर ट्रूनेट जांच की सुविधा होने की वजह से अब इन जांच में निपाह संक्रमण की पुष्टि होने वाले नमूनों को ही पुष्टि के लिए तिरुवनंतपुरम, थोन्नाक्कल या कोझिकोड की प्रयोगशाला में भेजने की जरूरत होगी। इससे केरल को तेजी से जांच करने और संक्रमण का पता लगाने और एहतियाती कदम उठाने में सहूलियत होगी।
भाषा धीरज संतोष
संतोष
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