शैक्षणिक संस्थान के साथ धोखाधड़ी मामले में पूर्व सरकारी अधिकारी गिरफ्तार |

शैक्षणिक संस्थान के साथ धोखाधड़ी मामले में पूर्व सरकारी अधिकारी गिरफ्तार

शैक्षणिक संस्थान के साथ धोखाधड़ी मामले में पूर्व सरकारी अधिकारी गिरफ्तार

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Modified Date: February 12, 2025 / 04:34 PM IST
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Published Date: February 12, 2025 4:34 pm IST

अगरतला, 12 फरवरी (भाषा) त्रिपुरा सरकार के एक पूर्व अधिकारी को नोएडा के एक शिक्षण संस्थान के साथ कथित रूप से धोखाधड़ी करने को लेकर गिरफ्तार किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि त्रिपुरा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के पूर्व अतिरिक्त निदेशक कैजर देबबर्मा को मंगलवार रात यहां उनके घर से गिरफ्तार किया गया।

अधिकारी के अनुसार कैजर उन छह आरोपियों में शामिल थे, जिन्होंने फर्जी कागजात के आधार पर पश्चिमी त्रिपुरा के बोधजंगनगर में 48.52 एकड़ का एक भूखंड बेचकर नोएडा के शैक्षणिक संस्थान ‘वर्ल्ड एजुकेशन मिशन’ के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की थी।

‘वर्ल्ड एजुकेशन मिशन’ के निदेशक हिमांग्शु पांचाल ने जुलाई, 2023 में प्राथमिकी दर्ज करायी थी और दावा किया था कि उन्होंने बोधजंगनगर में इस भूखंड के बदले कैजर और उनके पांच सहयोगियों को 1.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।

पांचाल ने कहा कि बाद में पता चला कि दस्तावेज नकली हैं। प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने आपराधिक विश्वासघात के सिलसिले में पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

जांच अधिकारी (आईओ) लालजुइथारा दारलोंग ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘मंगलवार रात को कैजर देबबर्मा को मामले में कथित संलिप्तता को लेकर गिरफ्तार किया गया । बुधवार को उन्हें पूछताछ के वास्ते सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का अनुरोध करते हुए स्थानीय अदालत में पेश किया गया।’’

दारलोंग ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि नोएडा के शैक्षणिक संस्थान के निदेशक ने पांच आरोपियों के खातों में सवा करोड़ रुपये अंतरित किये, लेकिन कैजर के खातों में पैसे के लेन-देन का सबूत नहीं मिला है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें धोखाधड़ी के मामले में कैजर की सक्रिय संलिप्तता का संदेह है, क्योंकि उन्होंने नोएडा स्थित शैक्षणिक संस्थान के निदेशक से भेंट की थी। कैजर ने पांच लोगों का शैक्षणिक संस्थान के प्रबंधन से परिचय करवाया था।’’

कैजर राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में एक प्रभावशाली अधिकारी थे। वह एक साल पहले अतिरिक्त निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)