नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) द्रमुक सांसद ए. राजा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार कर रही संसद की संयुक्त समिति के प्रमुख जगदंबिका पाल को बुधवार को पत्र लिखकर आग्रह किया कि 24 और 25 जनवरी को समिति की प्रस्तावित बैठक स्थगित की जाए।
पाल को लिखे पत्र में राजा ने कहा कि सदस्यों के लिए इतने कम समय के नोटिस पर वक्फ विधेयक पर संशोधन का प्रस्ताव देने और चर्चा के लिए आवश्यक साक्ष्य एवं सामग्री को जमा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को लखनऊ में विभिन्न हितधारकों से मिलने के कार्यक्रम के दौरान सदस्यों ने पाल से विधेयक पर खंड दर खंड विचार करने के लिए 24 और 25 जनवरी को प्रस्तावित बैठक स्थगित करने का अनुरोध किया था।
यह समिति पिछले साल अगस्त में संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किए जाने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार कर रही है।
राजा ने कहा कि यदि जेपीसी की ये बैठकें स्थगित नहीं की जातीं हैं, तो जेपीसी के गठन का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा क्योंकि इससे भारत के लोगों के मन में संदेह पैदा हो जाएगा कि प्रस्तावना में निहित संविधान का धर्मनिरपेक्ष ताना-बाना खतरे में है और उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
राजा ने कहा, ‘‘इसलिए, विपक्षी दलों के सदस्यों की ओर से प्रार्थना की जाती है कि 24 और 25 तारीख को प्रस्तावित जेपीसी की बैठक को इस महीने की 30 और 31 तारीख तक के लिए स्थगित कर दिया जाए, जैसा कि आपके साथ लखनऊ में पहले ही चर्चा हो चुकी है।’’
भाषा हक हक पवनेश
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(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)