नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) दिल्ली में एक स्थानीय व्यवसायी को ‘‘खुदाई से निकला सोना’’ बताकर नकली सोना बेचकर 30 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में 59 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि कहानी इतने विश्वसनीय तरीके से गढ़ी गई थी कि व्यवसायी को सोने की शुद्धता की जांच कराने को भी कहा गया था।
उन्होंने कहा कि आरोपी व्यक्ति की पहचान उत्तम नगर निवासी मोहन राय के रूप में हुई है, जबकि उसके दो साथी अब भी फरार हैं।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के पास से 1.70 लाख रुपये बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, पिछले वर्ष 20 नवंबर को पश्चिम विहार के व्यवसायी गौरव सोनी को हार्डवेयर की दुकान के मालिक रमेश शर्मा ने एक महिला से मिलवाया, जिसे उन्होंने ‘मां’ बताया जबकि दो अन्य लोगों ने खुद को पिता और पुत्र बताया।
पुलिस ने बताया कि तीनों ने सोनी को बताया कि मथुरा स्थित उनके घर में खुदाई के दौरान सोना निकला है, जिसे वे बेचना चाहते हैं।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) आकांक्षा यादव ने एक बयान में कहा, “शुरुआत में जालसाजों ने सोनी को सोने के दो मोती दिए, जो 78 प्रतिशत शुद्ध सोने के थे। सोनी का भरोसा जीतकर आरोपियों ने बाद में करीब दो किलोग्राम वजन का गले का हार दिया और 80 लाख रुपये में सौदा तय किया गया।”
उन्होंने बताया कि सोनी ने हार को असली मानकर 30 लाख रुपये का इंतजाम किया और बाकी के रुपये सोने की शुद्धता की जांच के बाद देने को कहा।
अधिकारी ने कहा कि सोनी ने सोना ले लिया लेकिन जब उसकी जांच कराई तो यह नकली हार निकला।
उन्होंने बताया कि सोनी ने जब तीनों से संपर्क करने की कोशिश की तो उनके फोन बंद मिले।
अधिकारी ने कहा कि 25 दिसंबर को पालम गांव थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने 100 से अधिक मोबाइल नंबरों और आईएमईआई रिकॉर्ड का विश्लेषण किया तथा आखिरकार तीन मार्च को मोहन राय नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान राय ने बाबू लाल और लक्ष्मी के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम देने की बात कबूल की।
पुलिस के मुताबिक, राय ने बताया कि धोखाधड़ी की रकम से उसे 9.5 लाख रुपये मिले थे।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल
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