जम्मू, 31 जनवरी (भाषा) जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल के सलाहकार फारुक खान ने रविवार को भाजपा नेताओं के साथ मिलकर यहां 1953 के प्रजा परिषद आंदोलन में जान गंवाने वाले लोगों को पुष्पांजलि अर्पित की।
खान ने सभी से राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया में शामिल होने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़कर आंदोलन में जान गंवाने वाले लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि देने का अनुरोध किया।
प्रजा परिषद का आंदोलन 1953 में जम्मू-कश्मीर में ‘एक विधान, एक निशान, एक प्रधान’ के नारे के साथ पूर्ववर्ती राज्य के देश में पूर्ण विलय को लेकर शुरू हुआ था। बाद में प्रजा परिषद का भाजपा में विलय हो गया था।
खान ने कहा, ‘‘जम्मू के लोगों का देश सेवा और देश की एकता के लिए बलिदान देने का इतिहास रहा है और प्रत्येक समुदाय को अपने शहीदों को नहीं भुलाना चाहिए। युवा पीढ़ी को बलिदान और मातृभूमि की सेवा की उनके साहस की कहानियां पता होनी चाहिए।’’
सलाहकार ने आंदोलन के दौरान साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन लोगों को सलाम किया और युवाओं से राष्ट्र के सम्मान के लिए उनके नक्शे कदम पर चलने की अपील की।
कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र रैना, पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह, शाम लाल शर्मा, कृष्ण लाल भगत और आर. एस. पठानिया सहित अन्य लोग मौजूद थे।
भाषा अर्पणा अमित
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