नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कथित बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की उस याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा, जिसमें उसने 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड धनशोधन मामले में जमानत देते समय उस पर लगाई गई कुछ शर्तों में संशोधन करने का अनुरोध किया है।
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने मिशेल की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया। इस याचिका में मिशेल ने पांच लाख रुपये की जमानत राशि जमा कराने की शर्त को हटाने का अनुरोध किया है।
अदालत ने मामले की सुनवाई 22 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध की है।
धनशोधन मामले में मिशेल को जमानत देते हुए उच्च न्यायालय ने चार मार्च को उसे पांच लाख रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही जमानत राशि जमा करने के अलावा निचली अदालत में अपना पासपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया था।
आरोपी ने कहा कि भारत द्वारा जमानत राशि प्रस्तुत करने की शर्त को संशोधित किया जा सकता है या माफ किया जा सकता है, क्योंकि वह एक विदेशी नागरिक है और यहां उसका कोई ज्ञात रिश्तेदार नहीं है या देश में उसका किसी से कोई संबंध नहीं है।
याचिका में मिशेल ने पासपोर्ट जमा करने की शर्त को हटाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उसका पुराना पासपोर्ट समाप्त हो चुका है और नया पासपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया में कम से कम चार से आठ सप्ताह का समय लग सकता है।
मिशेल को संबंधित सीबीआई मामले में 18 फरवरी को उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल गई थी।
मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और बाद में उसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) तथा ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था।
मिशेल इस मामले में जांच के दायरे में आए तीन कथित बिचौलियों में से एक है। अन्य दो बिचौलियों का नाम गुइडो हैश्के और कार्लो गेरोसा है।
भाषा नेत्रपाल पारुल
पारुल
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