मुरैना: कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुरैना में पिछले 27 दिनों से कर्फ्यू लगा दिया गया है, लेकिन हालात नियंत्रण में होता देख जिला प्रशासन ने सोमवार से कर्फ्यू हाटाने का फैसला लिया है। यह फैसला जिला कलेक्टर और शांति समिति की बैठक में लिया गया है। वहीं, जिला प्रशासन ने सोमवार से दुकानों और बाजारों को खोलने का फैसला लिया है। बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार कपड़ा, निर्माण सामग्री व लोहे की दुकानें खुलेंगी। साथ ही मिठाई की दुकानें 1 अगस्त से खुलेंगी। लेकिन दुकान खोलने के बाद मास्क लगाने व सामाजिक दूरी का पालन करने की जिम्मेदारी दुकानदार की होगी। नियमों का उल्लंघन किए जाने पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
बता दें कि आगामी दिनों में आने वाले त्योहार ईद व रक्षा बंधन को लेकर शनिवार को नगरनिगम के सभागार में जिला प्रशासन ने जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक बुलाई। बकरीद और रक्षा बंधन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार से बाजारों को खोलने का फैसला लिया है। बैठक में बाजार को लेकर निर्णय हुआ कि आगामी त्योहारों को देखते हुए सोमवार से कपड़ा मार्केट पूरी तरह से खोला जाएगा। साथ ही कफ्यू की वजह से शहर की आर्थिक गतिविधियां ठप थीं। इसलिए हार्डवेयर, निर्माण सामग्री व लोहे आदि की दुकानें भी खोली जाएंगी। लेकिन यह बाजार सप्ताह में केवल पांच दिन ही खुलेंगे। शनिवार व रविवार को टोटल लॉकडाउन रहेगा।
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बैठक में कलेक्टर प्रियंकादास कहा कि 1 अगस्त को ईदज्जुहा, 3 अगस्त को रक्षाबंधन, 4 अगस्त को भुजरियां मेला, 12 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, 22 से 29 अगस्त तक गणेश चतुर्थी, 29 अगस्त को डोलग्यारस और 30 अगस्त को मोहर्रम है। इसे देखते हुए शहर में पूरी पारदर्शिता के साथ साफ सफाई, पेयजल एवं बिजली व्यवस्था निर्वाध संचालित रहें, इसके लिये प्रशासनिक अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ मिली जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। वायरस का प्रकोप कम जरूर हुआ है लेकिन वायरस खत्म नहीं हुआ है। इन परिस्थितियों को हम भूल नहीं सकते। सभी लोगों को एतिहात बरतनी है, जिसमें सुरक्षित शारीरिक दूरी, मास्क का उपयोग अवश्य करें और सभी त्योहारों को उत्साह एवं सौहार्दपूर्वक मनाएं लेकिन घरों में रहकर ही मनाएं।
उन्होंने कहा कि ईद को देखते हुए मस्जिदों में पांच व्यक्तियों से अधिक एकत्रित न हों, इसमें सभी अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि ताजियों के समय कोई पंडाल, जुलूस नहीं निकालें जब तक शासन के नवीन निर्देश प्राप्त नहीं हो जाते तब तक पहले जारी की गई गाइडलाइन का ही पालन करें।
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