Kilkari day-care center for young children inaugurated in CU
बिलासपुर। गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) में कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल एवं प्रोफेसर नीलांबरी दवे, पूर्व कुलपति सौराष्ट्र विश्वविद्यालय, राजकोट गुजरात की उपस्थिति में किलकारी डे-केयर सेंटर का उद्घाटन दिनांक 04 मई, 2023 को सायं 5 बजे हुआ। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि शिक्षा किसी में भेदभाव करना नहीं सिखाती। ममत्व एक भावना है जो शिक्षण के दौरान हम सभी में होना चाहिए। किलकारी डे-केयर सेंटर विश्वविद्यालय के सामाजिक दायित्वों के निर्वाहन के प्रति समर्पण के साथ ही ममत्व की भावना का प्रतीक भी है।
कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की भावना के साथ हम विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सजाने, संवारने एवं स्थापित करने के लिए अपना सर्वस्य समर्पित कर रहे हैं। कामकाजी महिलाओं के लिए यह सेंटर सुविधा के साथ ही आवश्यकता थी, जो अब विश्वविद्यालय में सभी के सहयोग से प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति गंभीर होने के साथ ही निरंतर प्रयासरत है। सौराष्ट्र विश्वविद्यालय, राजकोट गुजरात की पूर्व कुलपति प्रोफेसर नीलांबरी दवे ने अपने निजी जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि जिस परिवार में पति और पत्नी दोनों कामकाजी होते हैं, वहां किलकारी डे-केयर सेंटर मददगार सिद्ध हैं। कामकाजी महिलाएं बच्चों का ख्याल रखते हुए अपने कार्यों का संपादन कर सकती हैं। बच्चे संवेदनशील होते हैं ऐसे में डे-केयर सेंटर में बच्चों को अच्छी देखरेख, पोषण, भावनात्मक और सामाजिक देखभाल मिल जाती है जिससे उनके बड़े होने पर आत्म-विश्वास में बढ़ोत्तरी होती है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। मंचस्थ अतिथियों का नन्हा पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। किलकारी डे-केयर की संयोजिका डॉ. अर्चना यादव सहायक प्राध्यापक समाज कार्य विभाग ने अतिथियों का स्वागत करते हुए किलकारी डे-केयर सेंटर के विषय में जानकारी साझा की। अन्य मंचस्थ अतिथियों प्रो. वी.एस. राठौड़, ओएसडी विकास अनुभाग एवं कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर एक शॉर्ट फिल्म की प्रस्तुति भी हुई। मंचस्थ अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित रीडिंग कार्ड पुस्तक का विमोचन किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन किलकारी डे-केयर की सह-संयोजिका डॉ. ज्योति वर्मा सहायक प्राध्यापक शिक्षा विभाग ने तथा संचालन सुश्री जूही सदस्य बेहेवियर क्लब ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण, शिक्षणकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
6 महीने से 6 साल तक के बच्चे होंगे शामिल
किलकारी डे-केयर सेंटर में छह महीने से छह साल तक बच्चे आ सकेंगे। बच्चों की देखभाल के साथ उनके मानसिक एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष बल दिया जाएगा। अर्ली चाइल्डहुड डेवेलमेंट एंड केयर (ईसीडीसी) के अंतर्गत बच्चों को प्रारंभिक अनौपचारिक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी जिससे बच्चे का सर्वांगीण विकास संभव हो।
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प्रारंभिक तौर पर 30 बच्चों को प्रवेश
किलकारी डे-केयर सेंटर की सुविधा शैक्षणिक, गैर-शैक्षणिक एवं शोधार्थियों महिलाओं के लिए विशेष रूप में सहायता प्रदान करेगी। इस केन्द्र में प्रारंभिक तौर पर तीस बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। सेंटर विश्वविद्यालय के कार्यालयीन समय में सुबह से सायं तक कार्यरत रहेगा।
किलकारी हेतु सलाहकार समिति का गठन
बाह्य सदस्यों के रूप में श्री अभिषेक सिंह एसबीसी विशेषज्ञ यूनिसेफ छत्तीसगढ़, सुश्री हामिदा सिद्दीकी अध्यक्ष रोटरी क्लब बिलासपुर, डॉ. एम.एच. सिद्दीकी एमडी बालरोग विशेषज्ञ स्टार चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल बिलासपुर एवं डॉ. सोफिया सुलताना प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ किम्स हॉस्पिटल बिलासपुर शामिल हैं। आंतरिक सदस्यों में प्रो. वी.एस. राठौड़, प्रो. अनुपमा सक्सेना, प्रो. सी.एस. वझलवार, प्रो. सीमा राय, डॉ. सस्मिता पटेल, डॉ. मनीष श्रीवास्तव एवं डॉ. शालिनी मेनन शामिल हैं।
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