नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल), जिंदल पावर और कोल इंडिया की इकाई वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड वाणिज्यिक खदानों की नीलामी के 11वें दौर में कोयला ब्लॉक हासिल करने वाली 10 कंपनियों में शुमार हैं।
सरकार ने पिछले साल दिसंबर में वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला खदानों की नीलामी का 11वां दौर शुरू किया था। इसमें कुल 27 ब्लॉक को बिक्री के लिए रखा गया था।
झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉरपोरेशन, इनोवेटिव माइंस एंड मिनरल्स, सिंघल बिजनेस, प्रा नूरवी कोल माइनिंग, माइनवेयर एडवाइजर्स, रूंगटा संस और न्यू एरा क्लीनटेक सॉल्यूशन ने भी नीलामी में कोयला खदानें हासिल की हैं।
कोयला मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘मंत्रालय ने पांच दिसंबर, 2024 को वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला खदान नीलामी का 11वां दौर शुरू किया… अग्रिम नीलामी में कुल 12 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई। इनमें से आठ पूरी तरह से खोजी गई खदानें और चार आंशिक रूप से खोजी गई कोयला खदानें शामिल हैं।’’
इन 12 खदानों में संयुक्त रूप से करीब 575.92 करोड़ टन का भंडार है। इनमें से आंशिक रूप से खोजी गई खदानों को छोड़कर अन्य की अधिकतम निर्धारित क्षमता (पीआरसी) 1.54 करोड़ टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है।
बयान में कहा गया, ‘‘ नीलामी में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई, जिसमें 36.27 प्रतिशत का प्रभावशाली औसत राजस्व हिस्सा हासिल हुआ, जो भारत के कोयला क्षेत्र में उद्योगों की निरंतर रुचि और एक स्थिर व पारदर्शी नीतिगत ढांचा प्रदान करने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’
इन खदानों से 3,330 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व (आंशिक रूप से खोजी गई खदानों को छोड़कर) उत्पन्न होने तथा लगभग 2,319 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने का अनुमान है।
इसके अनावा इन खदानों से रोजगार के 20,902 अवसर उत्पन्न की उम्मीद है।
केंद्र ने 2020 में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत के बाद से कुल 125 कोयला खदानों की नीलामी की है, जिनकी संयुक्त उत्पादन क्षमता 27.30 करोड़ टन प्रति वर्ष है।
इन खदानों के संयुक्त रूप से 38,767 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व उत्पन्न होने, 40,960 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने और रोजगार के करीब 4,69,170 अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।
भाषा निहारिका अजय
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