प्रशिक्षुओं को निकालने में बल प्रयोग की बात सरासर गलत, श्रम विभाग के साथ कर रहे सहयोग: इन्फोसिस |

प्रशिक्षुओं को निकालने में बल प्रयोग की बात सरासर गलत, श्रम विभाग के साथ कर रहे सहयोग: इन्फोसिस

प्रशिक्षुओं को निकालने में बल प्रयोग की बात सरासर गलत, श्रम विभाग के साथ कर रहे सहयोग: इन्फोसिस

Edited By :  
Modified Date: February 19, 2025 / 05:32 PM IST
,
Published Date: February 19, 2025 5:32 pm IST

(मौमिता बख्शी चटर्जी)

नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी इन्फोसिस ने बुधवार को कहा कि प्रदर्शन संबंधी मुद्दों पर मैसुरु परिसर में प्रशिक्षुओं को नौकरी से निकालने को लेकर बल का प्रयोग या डराने-धमकाने की बात सरासर गलत है। कंपनी ने श्रम विभाग के अधिकारियों को परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी है और उनके साथ पूरा सहयोग कर रही है।

इन्फोसिस के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी शाजी मैथ्यू ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में हालांकि स्वीकार किया कि इस बार मूल्यांकन परीक्षा में विफलता प्रतिशत पहले की तुलना में ‘थोड़ा अधिक’ रहा है। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि परीक्षा का स्तर प्रशिक्षुओं को विफल करने के मकसद से तैयार किया गया था।

यह पूछे जाने पर कि क्या छंटनी से इन्फोसिस के ब्रांड को गंभीर नुकसान होगा, क्योंकि कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 में नियुक्ति के लिए विभिन्न कॉलेज परिसरों में जा रही है, उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए 20,000 स्नातकों को नियुक्त करने की योजना पटरी पर है। छात्रों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें सबसे अच्छी कंपनियों में से एक में प्रशिक्षण का मौका मिलेगा।

इन आरोपों के बारे में पूछे जाने पर कि परीक्षण मापदंडों, मूल्यांकन मानदंडों और पाठ्यक्रम को बदल दिया गया था और हाल ही में मैसुरु परिसर में 300 से अधिक लोगों को निकालने के लिए डराने-धमकाने की रणनीति का सहारा लिया गया था, मैथ्यू ने कहा कि कंपनी प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षुओं को चुनने और रखने के लिए पैसा खर्च करती है और प्रयास करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह इन्फोसिस के हित में है कि ये सभी लोग सफल हों और तभी हम उन्हें अपनी परियोजनाओं में शामिल करने में सक्षम हो पाएंगे।’’

मैथ्यू ने कहा, ‘‘ प्रशिक्षण में निवेश होता है और हम उन्हें प्रशिक्षण के दौरान वेतन भी देते हैं… इनमें से किसी भी व्यक्ति को जाने देना कंपनी के हित में नहीं है… निश्चित रूप से यह उनके लिए नुकसानदायक है, यह हमारे लिए भी नुकसानदायक है। प्रशिक्षुओं के विशेष बैच ने तीन प्रयासों के बाद भी आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा पास नहीं की थी।’’

श्रम मंत्रालय द्वारा कर्नाटक राज्य श्रम विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश के बारे में मैथ्यू ने कहा कि श्रम विभाग कंपनी के संपर्क में है और इन्फोसिस अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘श्रम विभाग हमारे संपर्क में है। वे हमारी प्रशिक्षण प्रक्रिया और मूल्यांकन आदि को समझना चाहते थे। हमने उन्हें पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया, मूल्यांकन से अवगत कराने के साथ यह भी बताया कि यह कैसे न केवल इन्फोसिस के लिए बल्कि पूरे आईटी उद्योग के लिए भविष्य की प्रतिभा को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या इन्फोसिस प्रशिक्षुओं को वापस लेने पर विचार करेगी, उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें वापस लेने के संबंध में कोई और सवाल नहीं पूछा गया है।’’

इस महीने की शुरुआत में इन्फोसिस ने 300 से अधिक प्रशिक्षुओं को नौकरी से निकाल दिया। ये वे छात्र थे, जिन्होंने कंपनी के मैसुरु परिसर में बुनियादी प्रशिक्षण लिया था, लेकिन आंतरिक मूल्यांकन में सफल नहीं हो सके। इसको लेकर देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।

दो साल के इंतजार के बाद प्रशिक्षुओं को कुछ महीने पहले अक्टूबर, 2024 में कंपनी में शामिल किया गया था।

आईटी कर्मचारी संघ एनआईटीईएस ने श्रम और रोजगार मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप कर कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

वास्तव में, नैसेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (एनआईटीईएस) ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों को इन्फोसिस के मैसुरु परिसर में बैठक कक्षों में बुलाया गया था और कंपनी से अलग होने को लेकर पत्रों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया था।

मैथ्यू ने आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि ‘बाउंसर’ बुलाने या डराने-धमकाने की रणनीति की बात पूरी तरह से गलत है।

उन्होंने कहा कि इन्फोसिस का मतलब यह नहीं है।

मैथ्यू ने कहा, ‘‘मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि हम ‘बाउंसर’ वगैरह के बारे में सोचते हैं। ये हमारे प्रशिक्षु हैं और हमें बाउंसर लाने की जरूरत नहीं है। यह बिल्कुल सही नहीं है। हमने लोगों को परिसर में रहने की अनुमति नहीं दी। इसको लेकर चिंता थी। कुछ ऐसे लोग थे जो परिसर में रहना चाहते थे और हमने उन्हें परिसर में रहने की अनुमति दी।’’

इन्फोसिस ने अब प्रशिक्षुओं के दूसरे समूह के लिए निर्धारित आंतरिक मूल्यांकन को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। ऐसा कहा जा रहा है कि 800 लोगों को अपना परीक्षण देना है।

हालांकि, कंपनी ने दावा किया है कि परीक्षण को टाले जाने का उद्देश्य उन्हें तैयारी के लिए अतिरिक्त समय देना है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह देखना हमारे हित में है कि हम इन प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने में कैसे मदद कर सकते हैं। हम चाहते हैं कि प्रशिक्षण के अंत में वे सफल हों ताकि कंपनी में कर्मचारी के रूप में बने रह सकें। हमने विफलता दर देखी है और इसलिए हम उन्हें तैयारी के लिए एक अतिरिक्त अवसर और समय देना चाहते हैं।’’

भाषा रमण अजय

अजय

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)