दिल्ली के बजट में परिवहन, राजमार्ग और मेट्रो विस्तार के लिए 12,952 करोड़ रुपये का आवंटन |

दिल्ली के बजट में परिवहन, राजमार्ग और मेट्रो विस्तार के लिए 12,952 करोड़ रुपये का आवंटन

दिल्ली के बजट में परिवहन, राजमार्ग और मेट्रो विस्तार के लिए 12,952 करोड़ रुपये का आवंटन

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Modified Date: March 25, 2025 / 09:37 PM IST
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Published Date: March 25, 2025 9:37 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें परिवहन, राजमार्ग और मेट्रो विस्तार के लिए 12,952 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

इस आवंटन का उद्देश्य बेहतर सड़कों, सार्वजनिक परिवहन और निर्बाध संपर्क सुविधा के साथ राजधानी के परिवहन बुनियादी ढांचे को बदलना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे ‘ऐतिहासिक बजट’ कहा, जो आधुनिक राजमार्गों, विश्वस्तरीय मेट्रो नेटवर्क और दुनिया भर में सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस बेड़े में से एक के साथ ‘नये’ दिल्ली की नींव रखेगा।

शहर भर में सड़कों और पुल के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कुल 3,843 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं। एलिवेटेड कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और स्मार्ट यातायात निगरानी प्रणाली बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

सरकार ने केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) और शहरी विकास निधि (यूडीएफ) के माध्यम से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के बीच बेहतर संपर्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

बुनियादी ढांचे के विकास को और अधिक समर्थन देने के लिए, नए शुरू किए गए मुख्यमंत्री विकास कोष को 1,400 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि स्थानीय सड़कों, स्ट्रीट लाइट और गलियों को बेहतर बनाने के लिए विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास (एमएलए-एलएडी) योजना के तहत 350 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं।

अपने संबोधन में, मुख्यमंत्री ने बजट को ‘सार्वजनिक परिवहन के लिए एक नया युग’ करार दिया, क्योंकि इसे दिल्ली मेट्रो के चरण-4 के विस्तार के लिए 2,929.66 करोड़ रुपये समर्पित किये जाने से बढ़ावा मिला है। दिल्ली मेट्रो के चरण-4 के विस्तार में, लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक, इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ और रिठाला-बवाना-नरेला-नाथूपुर (कुंडली) जैसे प्रमुख गलियारे शामिल हैं।

इसके अलावा, केंद्र द्वारा वित्तपोषित शहरी परिवहन परियोजनाओं के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार वर्ष 2025-26 तक 5,000 से ज़्यादा नई इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ायेगी, जिसका उद्देश्य शहर के इलेक्ट्रिक बस बेड़े को दुनिया के सबसे बड़े बेड़े में से एक बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘फ़िलहाल, दिल्ली में 2,152 इलेक्ट्रिक बसें हैं, और हमारा लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को और अधिक कुशल और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए इसका विस्तार करना है।’’

शहर के तिपहिया और टैक्सी चालकों को सशक्त बनाने के लिए एक कदम उठाते हुए, सरकार ने 10 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा की है। यह बोर्ड गिग वर्कर्स, घरेलू सहायकों और तिपहिया और टैक्सी चालकों के कल्याण की दिशा में काम करेगा, जिससे बेहतर सामाजिक सुरक्षा और काम करने की स्थिति सुनिश्चित होगी।

टिकाऊ परिवहन समाधानों पर ज़ोर देते हुए, बजट में पैदल यात्री-अनुकूल बुनियादी ढांचे, साइकिल ट्रैक और जलभराव से निपटने के लिए बेहतर सड़क जल निकासी के प्रावधान शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह बजट सिर्फ़ सड़कें और पुल बनाने के बारे में ही नहीं है, बल्कि प्रगति के बारे में है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)