चालू खाते का घाटा तीसरी तिमाही में बढ़कर 11.5 अरब डॉलर पर: आरबीआई |

चालू खाते का घाटा तीसरी तिमाही में बढ़कर 11.5 अरब डॉलर पर: आरबीआई

चालू खाते का घाटा तीसरी तिमाही में बढ़कर 11.5 अरब डॉलर पर: आरबीआई

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Modified Date: March 28, 2025 / 06:41 PM IST
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Published Date: March 28, 2025 6:41 pm IST

मुंबई, 28 मार्च (भाषा) देश का चालू खाता घाटा मौजूदा वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बढ़कर 11.5 अरब डॉलर यानी जीडीपी का 1.1 प्रतिशत हो गया।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू खाते के घाटे (कैड) में वृद्धि का मुख्य कारण व्यापार घाटे का अधिक होना है। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 10.4 अरब डॉलर (सकल घरेलू उत्पाद का 1.1 प्रतिशत) था।

हालांकि, वित्त वर्ष 2024-25 की दिसंबर तिमाही में चालू खाता घाटा जुलाई-सितंबर 2024 के 16.7 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.8 प्रतिशत) से कम रहा था।

भुगतान संतुलन के बारे में आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत का चालू खाता घाटा 2024-25 की तीसरी तिमाही में 11.5 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.1 प्रतिशत) हो गया, जो 2023-24 की तीसरी तिमाही में 10.4 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.1 प्रतिशत) था। हालांकि यह 2024-25 की दूसरी तिमाही के 16.7 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.8 प्रतिशत) से कम हुआ है।

वित्त वर्ष 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में वस्तु व्यापार का घाटा बढ़कर 79.2 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 71.6 अरब डॉलर था।

आरबीआई ने कहा कि अप्रैल-दिसंबर 2024 के दौरान चालू खाते का घाटा बढ़कर 37.0 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 30.6 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.1 प्रतिशत) था। इसमें बढ़ोतरी का मुख्य कारण व्यापार घाटे का बढ़ना है।

भाषा रमण प्रेम

प्रेम

 

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