कनाडा की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की ‘मंशा और क्षमता’ रखता है भारत : कनाडाई खुफिया अधिकारी

कनाडा की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की ‘मंशा और क्षमता’ रखता है भारत : कनाडाई खुफिया अधिकारी

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  • Publish Date - March 25, 2025 / 10:16 PM IST,
    Updated On - March 25, 2025 / 10:16 PM IST

ओटावा, 25 मार्च (भाषा) कनाडा की एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने आरोप लगाया है कि भारत कनाडाई समुदायों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने की “मंशा” रखता है और उसके पास ऐसा करने की “क्षमता” भी है।

मीडिया में आई एक खबर के मुताबिक, कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) की उपनिदेशक वैनेसा लॉयड ने यह भी कहा कि चीन, रूस और पाकिस्तान भी कनाडा में आम चुनाव अभियान में हस्तक्षेप कर सकते हैं।

लॉयड ने सोमवार को आम चुनाव की शुचिता सुनिश्चित करने के प्रयासों को लेकर एक संवाददाता सम्मेलन में ये टिप्पणियां कीं। कनाडा में आम चुनाव के लिए मतदान 28 अप्रैल को होने हैं।

समाचार चैनल ‘सीटीवी न्यूज’ की खबर के अनुसार, लॉयड ने कहा, “हमने देखा है कि भारत सरकार के पास अपना भू-राजनीतिक प्रभाव कायम करने के लिए कनाडाई समुदायों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने की मंशा है और वह ऐसा (हस्तक्षेप) करने में सक्षम भी है।”

समाचार चैनल ने अपनी खबर में कहा कि 2019 में लागू एक संघीय प्रोटोकॉल के तहत अगर नौकरशाहों की एक समिति इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि कोई घटना स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान कराने की कनाडा की क्षमता को प्रभावित कर सकती है, तो वह जनता को इसके प्रति आगाह कर सकती हैं।

समिति को चुनावों के लिए सुरक्षा एवं खुफिया खतरों संबंधी कार्य बल से नियमित तौर पर अद्यतन जानकारी मिलती रहती है, जिसकी अध्यक्ष लॉयड हैं।

लॉयड ने कहा कि ज्यादातर खतरनाक तत्वों ने “अपने तौर-तरीकों को संभवत: इस तरह से ढाल लिया है कि विदेशी हस्तक्षेप वाली गतिविधियों को छिपा सकें, जिससे इन गतिविधियों की पहचान करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।”

उन्होंने दावा किया कि चीन के कनाडा के आम चुनावों में दखल देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित ‘टूल’ का इस्तेमाल करने और “अपने हितों के अनुकूल आख्यानों के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेने” की संभावना बहुत अधिक है।

लॉयड ने आरोप लगाया कि रूस ने सोशल मीडिया और समाचार वेबसाइट पर व्यापक “प्रसार नेटवर्क” बनाने की कोशिश की है, जो क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति कार्यालय) के हित वाले मुद्दों को बढ़ावा देता है।

उन्होंने कहा, “यह संभव है कि रूस इन ऑनलाइन नेटवर्क का इस्तेमाल अवसरवादी रूप से कनाडाई लोगों के पास पहुंचने वाली विदेशी सूचनाओं के साथ छेड़छाड़ करने और हस्तक्षेप अभियान चलाने के लिए करेगा।”

लॉयड ने दावा किया कि पाकिस्तान भी अपने रणनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप कनाडा के खिलाफ विदेशी हस्तक्षेप गतिविधियां चला सकता है।

उधर, ‘द ग्लोब एंड ‘मेल’ अखबार में सूत्रों के हवाले से प्रकाशित खबर में आरोप लगाया गया है कि भारत के एजेंट और उनके प्रतिनिधियों ने 2022 में कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिवर के चुनाव अभियान में हस्तक्षेप किया।

खबर के मुताबिक, सीएसआईएस को पता चला है कि भारतीय एजेंट पोइलिवर के लिए दक्षिण एशियाई समुदाय से धन और समर्थन जुटाने में शामिल थे, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हुई।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप