नईदिल्ली: SarkaronIBC24, अल्पसंख्यक वोटर्स को साधने बीजेपी ने नया दांव खेला है.. ईद के मौके पर बीजेपी 32 लाख अल्पसंख्यकों के घरों तक पहुंचकर ‘सौगात-ए-मोदी’ किट की सौगात देगी..बीजेपी की इस रणनीति को मुस्लिम समुदाय में अपनी पैठ बढ़ाना चाहती है..खास तौर पर बिहार विधानसभा चुनाव में..जहां 18 फीसदी मुस्लिम आबादी निर्णायक भूमिका में है.. हालांकि बीजेपी इसे सबका साथ, सबका विकास वाला मूलमंत्र बता रही है, लेकिन विपक्ष कह रहा है कि बीजेपी वोट के लिए कुछ भी कर सकती है..क्या है बीजेपी की सौगात-ए-मोदी वाली रणनीति ..एक रिपोर्ट देखिये
नई दिल्ली में बीजेपी ने सौगात-ए-मोदी अभियान की शुरूआत की. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के इस कैंपेन को बेहद अहम माना जा रहा है.. सौगात-ए-मोदी का क्या है बिहार कनेक्शन…पहले आप जान लीजिए सौगात-ए-मोदी क्या है..सौगात-ए-मोदी किट मुसलमानों को ईद का तोहफा है..गरीब मुसलमान भी अच्छे से ईद मना सकें..इसलिए किट दे रही है..किट में ईद के लिए जरूरी सामान सामान शामिल होंगे..सौगात-ए-मोदी किट में क्या-क्या शामिल है…खाने की चीजें, कपड़े, सेवइयां, खजूर, ड्राई फ्रूट्स, शक्कर, महिलाओं के लिए सूट का कपड़ा, पुरुषों को कुर्ता-पायजामा.. ईद के मौके पर ‘सौगात-ए-मोदी’ के तोहफे को मुस्लिम समाज अच्छी पहल बताया..
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SarkaronIBC24, चलिए अब बात करते हैं..बीजेपी के इस दांव को बिहार चुनाव से क्यों जोड़ा जा रहा है.. दरअसल बिहार में 17 फीसदी मुस्लिम आबादी निर्णायक भूमिका निभाती है..और एनडीए गठबंधन को इंडिया जैसे विपक्षी दलों से कड़ी चुनौती है, जो मुस्लिम वोटों पर मजबूत पकड़ रखते हैं..बिहार में मुस्लिम वोटिंग के पैटर्न पर नजर डालें तो…2019 लोकसभा चुनाव में NDA को 6 फीसदी मुस्लिम वोट मिले तो..कांग्रेस-RJD गठबंधन को 77 फीसदी वोट मिले..जबकि 2024 लोकसभा चुनाव में NDA के हिस्से 12 फीसदी वोट और इंडिया गठबंधन को 87 फीसदी वोट मिले.. बात करें विधानसभा चुनाव की तो 2015 में NDA को 8 फीसदी वोट मिले थे जबकि RJD-JDU को 78 फीसदी वोट मिले थे. तो 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी गठबंधन को 5 सिर्फ मुस्लिम वोट ही मिला था, वहीं इंडिया गठबंधन को 46 फीसदी वोट मिले थे..
जाहिर है बीजेपी सौगात-ए-मोदी के जरिए ये साबित करना चाहती है कि वो केवल हिंदुओं की नहीं, बल्कि सभी समुदायों की पार्टी है बीजेपी जानती है कि मुस्लिम वोटर आमतौर पर उसके खिलाफ एकजुट हो जाते हैं.. ऐसे में सौगात-ए-मोदी के जरिए बीजेपी सबका साथ सबका विश्वास का नारा बुलंद करे..लेकिन विपक्ष इससे इत्तेफाक नहीं रखता..
पहले पसमांदा मुसलमान.. और अब मोदी की ईदी वाला तोहफा..जाहिर है बीजेपी अल्पसंख्यक वोटर्स के दिल में पैठ बढ़ाना चाहती है..साथ ही विपक्ष के उन आरोपों को भी गलत साबित करना चाहती है, जिसमें उसे मुस्लिम विरोधी बताया जाता है..खैर बिहार चुनाव में बीजेपी को मोदी की ईदी से फायदा मिलता है या नहीं ये तो वक्त बताएगा..लेकिन विपक्ष इसे बीजेपी के लिए ‘वोट के लिए नाटक’ बताकर नैरेटिव बताने में जुट गया है..
ब्यूरो रिपोर्ट आईबीसी 24
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