ओडिशा में पूर्ववर्ती बीजद सरकार के दौरान नौकरी घोटाले के आरोप को लेकर विधानसभा में हंगामा |

ओडिशा में पूर्ववर्ती बीजद सरकार के दौरान नौकरी घोटाले के आरोप को लेकर विधानसभा में हंगामा

ओडिशा में पूर्ववर्ती बीजद सरकार के दौरान नौकरी घोटाले के आरोप को लेकर विधानसभा में हंगामा

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Modified Date: December 7, 2024 / 05:44 PM IST
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Published Date: December 7, 2024 5:44 pm IST

भुवनेश्वर, सात दिसंबर (भाषा) ओडिशा में पूर्ववर्ती नवीन पटनायक सरकार के दौरान सरकारी भर्तियों में अनियमितताएं होने के आरोपों को लेकर विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) सदस्यों के हंगामे के कारण शनिवार को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

विपक्षी सदस्यों ने इन आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से स्पष्टीकरण भी मांगा।

माझी ने शुक्रवार को विधानसभा में ओडिशा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2024 पेश करते हुए आरोप लगाया था कि पिछली बीजद सरकार के दौरान सरकारी भर्ती में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और लाखों रुपये में नौकरियां बेची गईं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सहायक अनुभाग अधिकारियों (एएसओ) और जूनियर इंजीनियरों की भर्ती में अनियमितताएं हुई हैं।

बीजद ने इस बयान की कड़ी निंदा की और मुख्यमंत्री से आरोपों को साबित करने को कहा।

शनिवार को जैसे ही प्रश्नकाल के लिए सदन की कार्यवाही शुरू हुई, बीजद सदस्य विधानसभा अध्यक्ष के आसन के करीब आ गए और मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे।

सदन की कार्यवाही केवल तीन मिनट ही चल सकी। प्रदर्शनकारी बीजद सदस्यों द्वारा नारेबाजी बंद करने से इनकार किये जाने पर विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने कार्यवाही स्थगित कर दी।

पूर्वाह्न 11.30 बजे जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो बीजद की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने माझी के बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि इस तरह की टिप्पणी एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देती।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मुख्यमंत्री के बयान को विधानसभा के रिकॉर्ड से हटाने का आग्रह किया।

मलिक ने कहा कि माझी का बयान उन मेधावी विद्यार्थियों का अपमान है, जिन्हें हाल ही में एएसओ के पद पर नियुक्त किया गया है।

उन्होंने माझी से स्पष्टीकरण मांगते हुए कहा, “मुख्यमंत्री का बयान विभिन्न सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को भी हतोत्साहित करेगा। इसलिए इसे विधानसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया जाना चाहिए।”

भाजपा सदस्य संतोष खटुआ ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान भर्तियों में अनियमितताएं हुई हैं।

खटुआ ने कहा, “इसलिए भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए अब नया कानून पारित किया गया है। विधानसभा के बहुमूल्य समय को बर्बाद करने का कोई मतलब नहीं है।”

बीजद सदस्यों ने फिर से हंगामा किया और अध्यक्ष से निर्णय लेने की मांग की।

शोरगुल के बीच पाढ़ी ने सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक स्थगित कर दी।

विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक सदन में उस समय मौजूद थे, जब उनकी पार्टी के सदस्य आसन के समीप पहुंच गए।

हालांकि, माझी सदन में मौजूद नहीं थे, वह मयूरभंज जिले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।

बीजद सदस्य गणेश्वर बेहरा ने माझी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री को कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए।”

भाषा जितेंद्र सुभाष

सुभाष

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)