सावन का महीना धार्मिक अनुष्ठान के लिए बहुत खास माना जाता है। कुछ दिन पहले ही सदी का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण के बाद आज शनिवार 11 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है। इस सूर्यग्रहण के साथ एक खास बात यह भी है कि इस दिन शनैश्चरी अमावस्या भी है। ग्रहण के साथ अमवास्या का होना अपने आप में एक विशेष संयोग है, इसको लेकर आपको कई सावधानियां बरतनी होंगी। सूर्य ग्रहण दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा। ग्रहण का सूतक काल 10 अगस्त की रात को 12 बजे के बाद 1 बजकर 32 मिनट से शुरू हो चुका है।
सुनसान जगह में जाने से बचे –सूर्य ग्रहण दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और शाम को 5 बजे समाप्त होगा। ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां हावी रहती हैं। इसलिए इस दिन किसी भी सुनसान जगह और श्मशान में नहीं जाना चाहिए ऐसी मान्यताएं कहती हैं।
सुबह पूजा पाठ में लगे –वैसे तो ग्रहण का प्रभाव कल रात से देखने मिल गया है। ग्रहण का सूतक काल 10 अगस्त की रात को 12 बजे के बाद 1 बजकर 32 मिनट से शुरू हो चुका है। इसलिए सुबह देर तक ना सोएं। इस दिन आप सुबह जल्दी उठें और पानी में नमक डालकर नहाएं। देर तक सोना शास्त्रों में मनाही है और ग्रहण के दिन ऐसा भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ग्रहण के साथ शनि अमावस्या भी है इसलिए पीपल को जल देना शुभ रहेगा।
तुलसी और मूर्ति को रखे शुद्ध –हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल से ही मूर्ति पूजा नहीं करनी चाहिए। साथ ही तुलसी और शामी का पौधा भी ना छुएं। लेकिन ग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है इसलिए पूजा-पाठ में कोई बाधा नहीं। आज मंदिर के कपाट ग्रहण के दौरान भी खुले रहेंगे।
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शारीरिक संबंध ना बनाएं –शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के दिन स्त्री-पुरुष प्रसंग से बचना चाहिए। ग्रहण के दौरान संबंध बनाना अशुभ और परलोक में कष्टकारी माना गया है। इस समय गर्भधारण से संतान पर बुरा प्रभाव पड़ता है, ऐसा शास्त्रों का मत है। इस समय शरीर, मन तथा बुद्धि में सामंजस्य बनाए रखना चाहिए।
झगड़े से बचे –
ग्रहण के समय मन शांत रखना चाहिए और ध्यान करना चाहिए। इससे ग्रहों का अशुभ प्रभाव दूर होता है। इस दिन घर में वाद-विवाद ना करें। ग्रहण के बाद पितृगणों को ध्यान में रखते हुए उनके नाम से कुछ दान करना चाहिए। शनि अमावस्या और ग्रहण के दिन भूलकर भी इस तरह के काम नहीं करें। इससे शनिदेव नाराज होते हैं।
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बुरी आत्मा से बचें –अमावस्या के साथ ग्रहण भी है, इस दौरान कुछ लोग टोना-टोटका करते हैं इसलिए अनजान व्यक्ति आपको कुछ खाने को दे तो आप कतई ना खाएं। साथ ही इसके बारे में घर पर जानकारी दें। वैसे भी देवीभाग्वत पुराण में कहा गया है कि ग्रहण के समय दूसरे का अन्न नहीं खाना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं ध्यान रखें –ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को थोड़ा सावधान रहना चाहिए। इस दौरान आपको कोई भी चीज नहीं काटनी चाहिए। साथ ही सुई-धागे का प्रयोग ग्रहण के दौरान शास्त्रों में वर्जित बताया गया है। खाने-पीने से भी गर्भवती महिला को बचना चाहिए, ग्रहण के दौरान हानिकारक किरणें खाने को दूषित कर देती हैं ऐसी धार्मिक मान्यताएं कहती हैं।
पौधों को नया जीवन दें –शास्त्रों में शनि अमावस्या और ग्रहण के दिन मांस-मदिरा से दूर रहने के लिए कहा गया है। 11 अगस्त को हरियाली अमावस्य भी है इसलिए इसलिए वृक्ष लगाना बहुत ही शुभ रहेगा।
वेब डेस्क IBC24