Rahul Gandhi on RSS: देश की शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने में लगा है RSS! राहुल गांधी का बड़ा बयान, PM मोदी को लेकर कही ये बात

Rahul Gandhi on RSS: देश की शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने में लगा है RSS! राहुल गांधी का बड़ा बयान, PM मोदी को लेकर कही ये बात |

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  • Publish Date - March 24, 2025 / 02:40 PM IST,
    Updated On - March 24, 2025 / 02:40 PM IST
Rahul Gandhi on RSS | Source : IBC24 File Photo

Rahul Gandhi on RSS | Source : IBC24 File Photo

HIGHLIGHTS
  • RSS देश के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने में लगा हुआ है-राहुल गांधी
  • राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेरोजगारी और महंगाई पर बात नहीं करना चाहते।
  • राहुल गांधी ने छात्रों से अपील की कि वे आरएसएस और भाजपा के खिलाफ एकजुट हों।

नई दिल्ली। Rahul Gandhi on RSS: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) देश के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने में लगा हुआ है। उन्होंने यहां जंतर-मंतर पर ‘इंडिया’ गठबंधन के विभिन्न घटक दलों की छात्र इकाइयों के संयुक्त प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी को मिलकर रोकना एवं पराजित करना है। विपक्षी पार्टियों की छात्र इकाइयों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मसौदा नियमों और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर ‘संसद मार्च’ का आह्वान किया था।

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Rahul Gandhi on RSS: राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘एक संगठन हिंदुस्तान का भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने में लगा है। उस संगठन का नाम आरएसएस है। यदि शिक्षा व्यवस्था उनके हाथ में चली जाएगी, जो धीरे धीरे जा रही है, तो देश बर्बाद हो जाएगा और इस देश में किसी को रोजगार नहीं मिलेगा।’’ उनका कहना था, ‘‘आज छात्रों को यह बताने की जरूरत है कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति RSS द्वारा नामित हैं और आने वाले समय में राज्यों के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति भी RSS द्वारा नामित होंगे। यह देश के लिए खतरनाक हैं। इसे हमें रोकना है।’’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर लगाए आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बेरोजगारी और महंगाई पर बात नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, ‘‘देश में सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने महाकुंभ के बारे में लोकसभा में बात की। मैं यह बोलना चाहता था कि कुंभ के बारे में बात करना अच्छी बात है, लेकिन भविष्य के बारे में बात करनी चाहिए, बेरोजगारी के खिलाफ बात करनी चाहिए।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था के बारे में बात नहीं करते क्योंकि प्रधानमंत्री का मॉडल, भाजपा और आरएसएस का मॉडल है जिसके तहत अदाणी, अंबानी को सारा धन देना और आरएसएस को सारी संस्थाओं का नियंत्रण देना है। उन्होंने छात्र संगठनों से कहा, हमारी विचारधारा और नीतियों पर थोड़ा फर्क हो सकता है, लेकिन हम हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली को लेकर कभी समझौता नहीं करेंगे। हम मिलकर कदम बढ़ाएंगे और आरएसएस-भाजपा को हराएंगे।

1. राहुल गांधी ने आरएसएस पर क्या आरोप लगाए?

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) देश के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था आरएसएस के हाथ में चली गई, तो देश का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा और रोजगार की स्थिति भी बिगड़ जाएगी।

2. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर कौन सा आरोप लगाया?

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेरोजगारी और महंगाई पर बात नहीं करना चाहते। उनका कहना था कि मोदी का मॉडल केवल अंबानी और अदाणी जैसे बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने और आरएसएस को संस्थाओं का नियंत्रण देने पर आधारित है।

3. राहुल गांधी ने छात्रों से क्या अपील की?

राहुल गांधी ने छात्रों से अपील की कि वे आरएसएस और भाजपा के खिलाफ एकजुट हों और देश की शिक्षा प्रणाली को बचाने के लिए कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति आरएसएस द्वारा नामित किए जा रहे हैं, जो देश के लिए खतरनाक है और इसे रोकना जरूरी है।

4. राहुल गांधी ने यूजीसी मसौदा नियमों पर क्या कहा?

राहुल गांधी ने विपक्षी छात्र संगठनों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मसौदा नियमों और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जो छात्रों के अधिकारों के खिलाफ हैं।

5. राहुल गांधी के अनुसार, भाजपा और आरएसएस का मॉडल क्या है?

राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस का मॉडल अंबानी और अदाणी जैसे उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने और सरकारी संस्थाओं का नियंत्रण आरएसएस के हाथ में देने का है। उनके मुताबिक, इस मॉडल के तहत बेरोजगारी और महंगाई की समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है।