हेमा समिति की रिपोर्ट के मुद्दे पर वाम सरकार ‘रक्षात्मक’ है: यूडीएफ

हेमा समिति की रिपोर्ट के मुद्दे पर वाम सरकार ‘रक्षात्मक’ है: यूडीएफ

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  • Publish Date - October 11, 2024 / 02:05 PM IST,
    Updated On - October 11, 2024 / 02:05 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 11 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने शुक्रवार को दावा किया कि केरल की वामपंथी सरकार न्यायमूर्ति के. हेमा समिति की रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की घटनाओं को लेकर ‘रक्षात्मक’ रुख अपना रही है और यही वजह है कि राज्य विधानसभा में इसे बारे में चर्चा नहीं की जा रही है।

विपक्ष ने वामपंथी सरकार पर ऐसे समय में यह आरोप लगाया है जब यूडीएफ विधायकों द्वारा सदन की कार्यवाही स्थगित करने और रिपोर्ट में निकाले गए निष्कर्षों के संबंध में आगे की जांच न किए जाने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सदन में नोटिस दिया था, जिसकी अनुमति विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमसीर ने नहीं दी थी।

शमसीर ने कहा कि केरल उच्च न्यायालय में यह मुद्दा विचाराधीन है इसलिए अनुमति देने से इनकार किया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर कड़ा विरोध जताते हुए नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन ने दावा किया कि सदन में यह नोटिस इसलिए दिया गया था क्योंकि शमसीर ने खुद कहा था कि इस मुद्दे को सदन में प्रश्न के रूप में नहीं उठाया जाना चाहिए तथा कोई प्रतिवेदन या कुछ और पेश किया जाना चाहिए।

सतीशन ने आरोप लगाया, ‘‘अगर हम महिलाओं से जुड़े इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करते हैं तो यह सदन का अपमान है। हम इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं और सदन से बहिर्गमन कर रहे हैं। सरकार इस मुद्दे पर रक्षात्मक रुख अपना रही है और इसीलिए सदन में इस पर चर्चा नहीं हो रही है।’’ इसके बाद यूडीएफ सदस्यों ने विधानसभा से बहिर्गमन किया।

एक अभिनेत्री पर साल 2017 में हुए हमले के बाद केरल सरकार ने न्यायमूर्ति के. हेमा समिति का गठन किया था। हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम सिनेमा में महिलाओं से हुए उत्पीड़न और शोषण के मामलों का खुलासा हुआ।

रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर कई अभिनेताओं और निर्देशकों के खिलाफ यौन उत्पीड़न और शोषण के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने जांच के लिए 25 अगस्त को विशेष जांच दल का गठन किया जिसमें सात सदस्य शामिल हैं।

भाषा प्रीति प्रशांत

प्रशांत