गलवान के वीरों की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम होगी: संसदीय समिति | Galwan's heroes will be less appreciated: parliamentary committee

गलवान के वीरों की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम होगी: संसदीय समिति

गलवान के वीरों की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम होगी: संसदीय समिति

Edited By :  
Modified Date: November 29, 2022 / 07:51 PM IST
,
Published Date: March 16, 2021 6:59 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) रक्षा मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने मंगलवार को लोकसभा में पेश एक रिपोर्ट में कहा कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में पिछले वर्ष जून में भारतीय सैनिकों ने जिस पराक्रम और साहस का परिचय दिया, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है।

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा, ‘‘भारत की सेना निस्संदेह ही राष्ट्र के हितों, संप्रभुता की रक्षा, क्षेत्रीय अखंडता तथा देश की एकता के लिए पूरी तरह से समर्पित है। सीमा के दोनों ओर मौजूदा चुनौतीपूर्ण दौर में, सेना ने चुनौतियों का सामना करने में महान साहस का परिचय दिया है।’’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस समिति के सदस्य हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 15 जून को गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के साथ झड़प में भारत के बीस जवान शहीद हो गए थे।

महीनों तक चुप्पी साधे रखने के बाद पिछले महीने चीन ने माना था कि झड़प में उसके पांच सैन्यकर्मी मारे गए थे। अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया था कि भारतीय सैनिकों के साथ झड़प में चीन के लगभग 35 सैनिक हताहत हुए।

भाषा मानसी नेत्रपाल

नेत्रपाल

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)