CG Ki Baat: इधर निवेश की रेस.. उधर निशाने पर कांग्रेस, निवेश की मुहिम के बीच क्यों आया माफिया का जिक्र..?

CG Ki Baat: इधर निवेश की रेस.. उधर निशाने पर कांग्रेस, निवेश की मुहिम के बीच क्यों आया माफिया का जिक्र..?

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  • Publish Date - March 25, 2025 / 11:11 PM IST,
    Updated On - March 25, 2025 / 11:11 PM IST
CG Ki Baat| ImageCredit: IBC24

CG Ki Baat| ImageCredit: IBC24

CG Ki Baat: रायपुर। छत्तीसगढ़ की सत्ता में बैठी बीजेपी का नारा है ‘हमने बनाया है हम ही संवारेंगे’ और प्रदेश निर्माण के लिए बीजेपी ने सत्ता में आने के बाद, देश के कई बड़े शहरों में इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट कर प्रदेश में निवेश का माहौल बनाने की शुरूआत भी कर दी है। इसी बीच प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पिछली कांग्रेस सरकार को माफिया राज की संरक्षक सरकार बताकर तंज कसा तो कांग्रेस ने भी मौजूदा सरकार को लॉ-एंड-ऑर्डर मामले में फेल बताते हुए प्रदेश की खनिज संपदा पर बीजेपी के दिग्गजों की नजर है, कहकर तंज कसा। बयान के बाद नया सियासी घमासान मच गया है। सवाल ये है कि क्या वाकई कांग्रेस ने अपने वक्त में माफिया को पनाह दी?

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छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने आते ही अपनी योजनाओं को पूरा करने, राज्य में इंवेस्टमेंट एक्शन को तेज किया है। इन डेढ़ साल के दौरान प्रदेश की राजधानी रायपुर, देश की राजधानी दिल्ली और देश की कमर्शियल कैपिटल मुंबई में, छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट मीट के बाद 26 मार्च को देश के आईटी सिटी बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट मीट होने जा रही है, जिसमें देश की नामचीन IT कंपनीज समेत कई सेक्टर्स के इन्वेस्टर्स शामिल होंगे।

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इसी तैयारी के बीच प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पिछली कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि हमारी साय सरकार लगातार देश के बड़े शहरों में इन्वेस्टर्स मीट करा रही है, लेकिन पिछली भूपेश सरकार ने रेत, शराब, रेडी-टू-ईट माफिया को पाला-पोसा, बीती सरकार के चलते छत्तीसगढ 5 साल पिछड़ गया, इस गंभीर आरोप पर पलटवार किया। पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने कहा कि प्रदेश देख रहा है कि माफिया तो आज की बीजेपी सरकार का संरक्षण है, बस्तर की अकूत खनिज पर बड़े उद्योगपतियों की नजर है। धनेंद्र साहू ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बार-बार बस्तर दौरे पर भी सवाल उठाया?

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एक तरफ प्रदेश के विकास के लिए जरूरी इंवेस्टमेंट आकर्षित करने प्रयास हैं तो दूसरी तरफ किसने विकास किया, किसने माफिया को पाला-पोसा इसे लेकर बहस छिड़ी है। क्योंकि प्रदेश की समृद्धि के लिए उद्योग जरूरी हैं, युवाओं के रोजगार के लिए उद्योग जरूरी हैं और उद्योगों के लिए इन्वेस्टमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत कानून व्यवस्था जरूरी है। सवाल ये है कि, पिछली सरकार के वक्त माफिया संरक्षण के आरोप लगाकर अब माहौल बेहतर बताने की कोशिश है या फिर कांग्रेस को आईना दिखाने की?