Live Police-Naxalites Encounter Video: पुलिस-नक्सली एनकाउंटर का Live Video आया सामने.. गोलियों की आवाज से गूंज रहा पूरा जंगल, आप भी देखें

माओवादियों ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि सरकारें कॉर्पोरेट और साम्राज्यवादी ताकतों के इशारे पर आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन से बेदखल कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारें खनिज संपदा और वन संसाधनों की लूट को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी समुदाय का दमन कर रही हैं।

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  • Publish Date - March 28, 2025 / 05:24 PM IST,
    Updated On - March 28, 2025 / 05:31 PM IST
Live Police-Naxalites Encounter Video

Live Police-Naxalites Encounter Video || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • नक्सल उन्मूलन अभियान तेज, 2025 में 100 से अधिक नक्सली ढेर
  • 'कगार' ऑपरेशन के विरोध में माओवादियों ने 4 अप्रैल को बंद बुलाया
  • सरकार आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन से बेदखल कर रही – नक्सली

Live Police-Naxalites Encounter Video: कांकेर: बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन अभियान तेजी से जारी है। पुलिस और सुरक्षाबल लगातार माओवादियों के खिलाफ सशस्त्र कार्रवाई कर रहे हैं और उन्हें करारी चोट पहुंचा रहे हैं। इन अभियानों में अब तक बड़ी सफलताएं भी हाथ लगी हैं। 2025 की शुरुआत से ही 100 से अधिक नक्सलियों को मुठभेड़ों में मार गिराया गया है। केंद्र सरकार का दावा है कि अगले साल 31 मार्च तक बस्तर समेत पूरे देश में माओवादी संगठन माकपा (माओवादी) का पूरी तरह से सफाया कर दिया जाएगा।

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पुलिस-नक्सली मुठभेड़ लाइव वीडिओ

इस अभियान के तहत जहां एक ओर माओवादियों का एनकाउंटर किया जा रहा है, वहीं कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी किया गया है। इसके अलावा, सरकार की पुनर्वास नीति के तहत कई माओवादी आत्मसमर्पण भी कर रहे हैं। इसी बीच, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे किसी जवान ने एनकाउंटर के दौरान मोबाइल से रिकॉर्ड किया था।

कांकेर मुठभेड़ का Video

Live Police-Naxalites Encounter Video: इस 32 सेकेंड के वीडियो में लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं। दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग हो रही है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुठभेड़ कितनी तीव्र थी। यह वीडियो हाल ही में कांकेर जिले में हुई मुठभेड़ का बताया जा रहा है, जिसमें चार नक्सलियों को मार गिराया गया था।

नक्सलियों का आत्मसमर्पण

इन सबके बीच नारायणपुर जिले में छह महिला नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सभी महिला नक्सलियों पर कुल छह लाख रुपये का इनाम घोषित था।

आत्मसमर्पण करने वाली ये सभी नक्सली नेलनार एरिया कमेटी से जुड़ी हुई थीं। उन्होंने राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर हथियार डालने का निर्णय लिया। नारायणपुर जिले में वर्ष 2024 से अब तक 98 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिससे सुरक्षाबलों की नक्सल विरोधी रणनीति को बड़ी सफलता मिली है।

नक्सलियों ने जारी किया प्रेसनोट, बीजापुर बंद का आह्वान

इधर, माओवादी संगठनों ने एक प्रेस नोट जारी किया है, जिसमें उन्होंने सरकार और पुलिस के अभियानों का जिक्र करते हुए अपने मारे गए साथियों की जानकारी साझा की है। इस बयान में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त ‘कगार’ ऑपरेशन की निंदा करते हुए दावा किया कि जनवरी 2025 से अब तक कुल 78 माओवादी और आदिवासी मारे जा चुके हैं। विरोधस्वरूप, माओवादियों ने 4 अप्रैल को बीजापुर बंद का आह्वान किया है।

Live Police-Naxalites Encounter Video: प्रेस नोट में यह भी बताया गया है कि 12 जनवरी को बांदेपारा के पास 5 माओवादी मारे गए, 1 फरवरी को 7 ग्रामीणों की मौत हुई, 9 फरवरी को जालीपेर के पास 31 माओवादी मारे गए, 20 मार्च को गंगालूर क्षेत्र में 26 नक्सली मारे गए, उसी दिन कांकेर जिले में हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए, जबकि 25 मार्च को माड़ डिवीजन और इंद्रावती क्षेत्र में 3 नक्सली ढेर हुए। इस तरह, माओवादी संगठनों के अनुसार, अब तक कुल 78 नक्सली मारे जा चुके हैं। इस प्रेस नोट में उन्होंने अपने मारे गए साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।

माओवादी संगठन, जो बीते चार दशकों से अपने क्रांतिकारी आंदोलन का दावा करता आ रहा है, खुद को जनवादी गणराज्य की स्थापना के लिए संघर्षरत बता रहा है। हालांकि, उन्होंने यह आरोप लगाया कि सरकारें आदिवासियों और उनके आंदोलन को पूरी तरह से खत्म करने के लिए ‘कगार’ ऑपरेशन चला रही हैं।

फ़ोर्स का इंटरस्टेट अभियान

Live Police-Naxalites Encounter Video: प्रेस नोट में यह भी कहा गया कि सरकारें 31 मार्च 2026 तक माओवाद को समाप्त करने की योजना पर काम कर रही हैं। इस अभियान के तहत दो से तीन राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर, चार से पांच जिलों में 4,000 से 10,000 सुरक्षाबलों को तैनात किया जा रहा है। इन बलों में बस्तर फाइटर्स, जिला रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, सी-60 कमांडो, सीआरपीएफ, बीएसएफ, कोबरा और एसएसएफ जैसे अर्धसैनिक बल शामिल हैं, जो माओवादियों को घेरकर खत्म करने के लिए अभियान चला रहे हैं।

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माओवादियों ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि सरकारें कॉर्पोरेट और साम्राज्यवादी ताकतों के इशारे पर आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन से बेदखल कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारें खनिज संपदा और वन संसाधनों की लूट को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी समुदाय का दमन कर रही हैं। अपने प्रेस नोट में नक्सलियों ने सिलसिलेवार ढंग से हुई मुठभेड़ों का जिक्र किया और मारे गए अपने साथियों के नामों को साझा किया।

बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान की प्रगति कैसी है?

2025 की शुरुआत से अब तक 100 से अधिक नक्सली मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने दावा किया है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से माओवादी संगठन का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा। सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ सशस्त्र कार्रवाई तेज की गई है और कई माओवादी आत्मसमर्पण भी कर रहे हैं।

माओवादियों ने अपने प्रेस नोट में क्या खुलासा किया है?

माओवादियों ने अपने प्रेस नोट में बताया कि जनवरी 2025 से अब तक कुल 78 माओवादी और आदिवासी मारे जा चुके हैं। उन्होंने 'कगार' ऑपरेशन की निंदा करते हुए 4 अप्रैल को बीजापुर बंद का आह्वान किया है।

'कगार' ऑपरेशन क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?

'कगार' ऑपरेशन केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा एक एंटी-नक्सल अभियान है, जिसका उद्देश्य माओवादियों को घेरकर उनका सफाया करना है। इसमें 4,000 से 10,000 सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है, जिनमें बस्तर फाइटर्स, जिला रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, सी-60 कमांडो, सीआरपीएफ, बीएसएफ, कोबरा और एसएसएफ जैसी इकाइयाँ शामिल हैं।

माओवादी संगठनों ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?

माओवादियों ने सरकार पर आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन से बेदखल करने और खनिज संपदा व वन संसाधनों की लूट को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार कॉर्पोरेट और साम्राज्यवादी ताकतों के इशारे पर आदिवासी समुदाय का दमन कर रही है।

माओवादियों के खिलाफ हालिया मुठभेड़ों में क्या उपलब्धियां मिली हैं?

हाल के महीनों में कई बड़ी मुठभेड़ें हुई हैं, जिनमें 12 जनवरी को बांदेपारा में 5 नक्सली, 9 फरवरी को जालीपेर में 31, 20 मार्च को गंगालूर में 26, 25 मार्च को माड़ डिवीजन में 3 नक्सली मारे गए। इसके अलावा, कई माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।