टिकाऊ विमान ईंधन भारत के लिए एक अवसर: एयरबस सीईओ

टिकाऊ विमान ईंधन भारत के लिए एक अवसर: एयरबस सीईओ

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  • Publish Date - March 25, 2025 / 04:13 PM IST,
    Updated On - March 25, 2025 / 04:13 PM IST

(मनोज राममोहन)

टूलूज (फ्रांस), 25 मार्च (भाषा) एयरबस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गियौम फाउरी ने कहा है कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करने वाला टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ) भारत के लिए एक अवसर बन सकता है।

एयरबस को भारत में बहुत अधिक संभावनाएं दिखाई देती हैं, जो दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में शामिल है। उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए भारत का मतलब ”वृद्धि” है।

भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने एयरबस को सैकड़ों विमानों के ऑर्डर दिए हैं। कंपनी के पास भारत में सी295 विमान के लिए संयुक्त उद्यम में ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (एफएलए) है और इस साल हेलीकॉप्टर एच125 के लिए एक एफएएल स्थापित किया जाएगा।

फाउरी ने सोमवार को पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘एसएएफ भारत के लिए एक अवसर है… टिकाऊ ईंधन भारत के एजेंडा में सबसे ऊपर है… भारत में वैश्विक विमानन कारोबार का बड़ा हिस्सा है। इसलिए भारत की वैश्विक व्यवस्था में बड़ी भूमिका और बड़ी जिम्मेदारी है।’’

वह टूलूज में एयरबस शिखर सम्मेलन 2025 के दौरान पीटीआई-भाषा से बात कर रहे थे। वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में विमानन क्षेत्र की करीब 2-3 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एसएएफ इस उत्सर्जन को कम करने में मदद कर सकता है।

उन्होंने टिकाऊ ईंधन के इस्तेमाल को विमानन क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति बताया और कहा कि इस लक्ष्य को अभी हासिल किया जाना है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय