मुंबई, 28 मार्च (भाषा) देश का सेवा निर्यात फरवरी में लगातार दूसरे महीने घटकर 31.62 अरब डॉलर रहा जबकि आयात कम होकर 14.5 अरब डॉलर पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में सेवा निर्यात 34.72 अरब डॉलर रहा था जबकि दिसंबर 2024 में यह 36.96 अरब डॉलर था।
जनवरी में सेवा आयात 16.7 अरब डॉलर रहा था।
हालांकि सालाना आधार पर फरवरी में सेवा निर्यात में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि आयात में 4.8 प्रतिशत की गिरावट आई।
इस बीच, आरबीआई ने ‘दिसंबर 2024 के अंत के लिए भारत की अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति’ पर जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि भारत में प्रवासियों के शुद्ध दावों में 2024-25 की तीसरी तिमाही के दौरान 11 अरब डॉलर की वृद्धि हुई और दिसंबर 2024 में यह 364.5 अरब डॉलर हो गया।
इसके अलावा, भारतीय निवासियों की विदेशी परिसंपत्तियों में 40.1 अरब डॉलर की कमी आई और भारत में प्रवासियों के दावों में भी 29.1 अरब डॉलर की कमी आई। इसके परिणामस्वरूप भारत की शुद्ध विदेशी देनदारियां बढ़ गईं।
आरबीआई ने कहा, ‘‘अक्टूबर-दिसंबर 2024 के दौरान भारतीय निवासियों की विदेशी परिसंपत्तियों में गिरावट मुख्य रूप से आरक्षित परिसंपत्तियों में 70.1 अरब डॉलर की कमी के कारण हुई।’’
हालांकि, आरक्षित परिसंपत्तियों में दिसंबर 2023 की तुलना में 13.2 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि भारत की विदेशी देनदारियों में गिरावट तिमाही के दौरान प्रत्यक्ष और पोर्टफोलियो निवेश में कमी के कारण हुई। हालांकि व्यापार ऋण, कर्ज और मुद्रा और जमा में वृद्धि दर्ज की गई।
भाषा रमण प्रेम
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