सरकार को स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों पर जीएसटी दरों की समीक्षा करनी चाहिए: बजाज ऑटो

सरकार को स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों पर जीएसटी दरों की समीक्षा करनी चाहिए: बजाज ऑटो

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  • Publish Date - July 5, 2024 / 08:11 PM IST,
    Updated On - July 5, 2024 / 08:11 PM IST

पुणे, पांच जुलाई (भाषा) बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने शुक्रवार को सुझाव दिया कि सरकार को स्वच्छ ईंधन से चलने वाले वाहनों पर जीएसटी दरों की समीक्षा करनी चाहिए।

बजाज ने यहां पहली एकीकृत मोटरसाइकिल ‘फ्रीडम 125’ की पेशकश के मौके पर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अस्थायी सब्सिडी पर भी चिंता जताई।

इससे पहले उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ मिलकर दुनिया की पहली सीएनजी से चलने वाली बाइक को तीन संस्करणों में पेश किया। इन बाइक की शोरूम कीमत 95,000 रुपये से शुरू है।

बजाज ने कहा, ”मैं सुझाव देना चाहूंगा कि सरकार को जीएसटी दरों की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए… जैसे उन्होंने इलेक्ट्रिक (वाहनों) के लिए पांच प्रतिशत जीएसटी के साथ सही काम किया है।”

उन्होंने सब्सिडी को ‘विरोधाभासी रूप से अस्थिर’ और दुनिया भर में वाहन उद्योग में विद्युतीकरण के लिए चल रहे प्रयास को ‘अराजकता’ भरा बताया।

बजाज ने कहा, ”अस्थायी सब्सिडी से टिकाऊ प्रौद्योगिकियों को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है, न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में… हम इन सबसे मुक्ति चाहते हैं।”

कंपनी ने कहा कि यह अभूतपूर्व नवाचार पारंपरिक पेट्रोल मोटरसाइकिलों के लिए लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प देकर दोपहिया उद्योग में क्रांति लाएगा।

बजाज ऑटो का दावा है कि उसकी फ्रीडम सीएनजी मोटरसाइकिल दूसरी पेट्रोल मोटरसाइकिलों की तुलना में ईंधन खर्च को काफी कम करके लगभग 50 प्रतिशत बचत देती है।

फ्रीडम मोटरसाइकिल का सीएनजी टैंक केवल दो किलोग्राम सीएनजी ईंधन पर 200 से अधिक किलोमीटर की रेंज देता है। इसके अलावा इसमें दो लीटर का पेट्रोल टैंक है और यह सीएनजी टैंक खाली होने पर 130 किलोमीटर से अधिक की रेंज देता है।

बजाज ऑटो लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक राकेश शर्मा ने कहा, ”बजाज फ्रीडम 125 बजाज ऑटो लिमिटेड के अनुसंधान एवं विकास तथा विनिर्माण कौशल को दर्शाता है।”

उन्होंने कहा कि बजाज ऑटो लिमिटेड ने ईंधन की बढ़ती लागत को कम करने तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने की दोहरी चुनौती का समाधान किया है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण