जनता समझदार है,सब जानती है ???...!!!
Last Update: 31 Jul 2015 00:11
   
किसी भी नेता में सबसे बड़ी खासियत क्या होती है....???? असल गुण...वास्तविक क्वालिफिकेशन जिसके बिना नेता बना ही नहीं जा सकता। राजनीतिक पंडित इसके बहुत से ऑफिशियल यानि पब्लिक में बोलने वाले गुण बात देगें, मगर हकीकत में वो गुण है...बोलना...बयान देना । नेताजी तो वही है जो पूर्ण विश्वास से बोले और ख़ुदा-ना-ख़ास्ता अगर ज़ुबान से कुछ ऐसा निकल जाए जो राजधर्म या पार्टी नेचर या उनके सियासी मुनाफे को ठेस पहुंचाता हो...तो फौरन पलटी भी मार जाए और सारा दोष...अपने सदा के साथी,पल-पल एक्सपोज़र दिलाने वाले....'बेचारे मीडिया' पर मढ़ दे। बिना देर किए मीडिया में नया स्टेटमेंट जारी कर दे कि -उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया,तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया,ब्ला-ब्ला-ब्ला....।
किसी भी नेता में सबसे बड़ी खासियत क्या होती है....???? असल गुण...वास्तविक क्वालिफिकेशन जिसके बिना नेता बना ही नहीं जा सकता। राजनीतिक पंडित इसके बहुत से ऑफिशियल यानि पब्लिक में बोलने वाले गुण बात देगें, मगर हकीकत में वो गुण है...बोलना...बयान देना । नेताजी तो वही है जो पूर्ण विश्वास से बोले और ख़ुदा-ना-ख़ास्ता अगर ज़ुबान से कुछ ऐसा निकल जाए जो राजधर्म या पार्टी नेचर या उनके सियासी मुनाफे को ठेस पहुंचाता हो...तो फौरन पलटी भी मार जाए और सारा दोष...अपने सदा के साथी,पल-पल एक्सपोज़र दिलाने वाले....'बेचारे मीडिया' पर मढ़ दे। बिना देर किए मीडिया में नया स्टेटमेंट जारी कर दे कि -उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया,तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया,ब्ला-ब्ला-ब्ला....।
किसी भी नेता में सबसे बड़ी खासियत क्या होती है....???? असल गुण...वास्तविक क्वालिफिकेशन जिसके बिना नेता बना ही नहीं जा सकता। राजनीतिक पंडित इसके बहुत से ऑफिशियल यानि पब्लिक में बोलने वाले गुण बात देगें, मगर हकीकत में वो गुण है...बोलना...बयान देना । नेताजी तो वही है जो पूर्ण विश्वास से बोले और ख़ुदा-ना-ख़ास्ता अगर ज़ुबान से कुछ ऐसा निकल जाए जो राजधर्म या पार्टी नेचर या उनके सियासी मुनाफे को ठेस पहुंचाता हो...तो फौरन पलटी भी मार जाए और सारा दोष...अपने सदा के साथी,पल-पल एक्सपोज़र दिलाने वाले....'बेचारे मीडिया' पर मढ़ दे। बिना देर किए मीडिया में नया स्टेटमेंट जारी कर दे कि -उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया,तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया,ब्ला-ब्ला-ब्ला....।
Last Update: 31 Jul 2015 00:11
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PUNEET
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Kishore Karmakar
Good one.Liked it. keep writing like this.
ना बने 'छद्म पीड़ितों' का 'चारा'
'SORRY' मुझे हिंदी नहीं आती...!!!
'बड़े परिवर्तन के लिए, बड़े फैसले लेने होंगे'
बस एक क्षण कीजिए विचार - 'आज़ाद' हुए क्या !!!
कौन सा वाला....'दोस्त'?