Movie Review: बार-बार देखो
Last Update: 17 Sep 2016 00:41
   

कलाकार: सिद्धार्थ मल्होत्रा, कैटरीना कैफ, राम कपूर, सारिका, रजित कपूर, सियानी गुप्ता

निर्देशक-लेखक: नित्या मेहरा

निर्माता: करण जौहर, फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी

संगीत: अमाल मलिक, आकरो, बादशाह, जसलीन रॉयल, बिलाल सईद

गीत: रफ्तार, मयूर पुरी, प्रिया सराइया, वायु

पटकथा : नित्या मेहरा, साई राव

संवाद : अन्विता दत्त

 

डायरेक्टर नित्या मेहरा की ‘बार-बार देखो’ डेब्यू फिल्म है, इससे पहले उन्होंने ‘लाइफ ऑफ अ पाई’ और ‘द रिलक्टेंट फण्डामेंटलिस्ट’ जैसी फिल्मों में असिस्टेन्ट डायरेक्टर के रूप में काम किया है, क्या यह फिल्म नित्या के लिए बेहतरीन डेब्यू कहलाएगी?

कहानी :

फिल्म 'बार-बार देखो' की कहानी एक प्रेमी जोड़े जय वर्मा (सिद्धार्थ मल्होत्रा) और दिया (कैटरीना कैफ) की है। इन दोनों की अरेंज मैरिज होने वाली है। शादी से एक दिन पहले जय का दिल इस शादी से लिए नहीं मानता। वह कैंब्रिज जाकर पढ़ना चाहता है। वह शादी के बंधन और जिम्मेदारियों से अलग अपनी जिंदगी को बसाना चाहता है। दिया उसकी कोई बात नहीं समझ पाती। जय जब अगले दिन सोकर उठता है तो खुद तो दिया के साथ हनीमून पर पाता है। दिया उसको बताती है कि उनकी शादी को 10 दिन हो गए हैं। वह कुछ समझ नहीं पाता। अगले दिन जब उसकी नींद खुलती है तो उसकी शादी को दो साल हो चुके होते हैं और दिया अब मां बनने वाली है। जब उसकी आंख 2034 में खुलती है। अब उसका एक 16 साल का बेटा भी है और आज जय का दिया के साथ तलाक होने वाला है। कहानी में काफी ट्विस्ट और टर्न्स  हैं।

 

पटकथा और निर्देशन:

नित्या मेहरा का यह कॉन्सेप्ट या स्क्रिप्ट सुनने में तो शायद अच्छा लगा हो। निर्देशक इस फिल्म को सही तरीके से पर्दे पर उतारने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। इस तरह की कहानी को समझने में आम दर्शक को सोचना पड़ सकता है। फिल्म की स्क्रिप्ट को एक अलग अंदाज में पेश करने की कोशिश की गई है। फिल्म में अन्विता दत्त के लिखे हुए कुछ डायलॉग्स अच्छे हैं। फिल्म में अच्छे लोकेशंस और इक्का दुक्का गानों के अलावा कुछ भी ऐसा नहीं है। रवि के चंद्रन की सिनेमेटोग्राफी बेहतरीन है।

 

अभिनय और संगीत:

फिल्म में सिद्दार्थ मल्होत्रा का अभिनय काबिले तारिफ है। वहीं कैटरीना ने भी अपने अभिनय को बखूबी निभाया है। एक कपल के तौर पर दोनों की जोड़ी अच्छी लगती है। राम कपूर का किरदार काफी लाउड लगता है। सभी ने अपना अभिनय अच्छे से किया है। फिल्म के गाने अच्छे हैं। फिल्म के अंत में दिखाया गया पंजाबी गीत काला चश्मा…अच्छा है। फिल्म बार देखो’ शायद कई बार देखने का मन न करे, पर आप इसे एक बार जरूर देख सकते हैं।

Last Update: 17 Sep 2016 00:41
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